ट्रंप ने ईरान को दिया 15 पॉइंट्स वाला खास शांति प्लान, पाकिस्तान बना बिचौलिया

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
Iran Peace Plan: मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रही जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका ने ईरान के सामने एक बड़ा ऑफर रखा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ 15 पॉइंट का एक शांति प्लान शेयर किया है. इस प्लान को पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है. इजरायल के चैनल 12 ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिका इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए एक महीने का सीजफायर यानी युद्ध विराम चाहता है.
Iran Peace Plan: द गार्जियन और एएफपी ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि इस 15 पॉइंट वाले प्लान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम (न्यूक्लियर प्रोग्राम) पर सख्त पाबंदियां लगाने की बात कही गई है. इसके साथ ही व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को दोबारा खोलने की शर्त भी शामिल है. साथ ही, ईरान को अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या कम करनी होगी और हिजबुल्ला व हूतियों जैसे संगठनों को हथियार देना बंद करना होगा. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ईरान के कितने अधिकारी इस प्लान से वाकिफ हैं और क्या तेहरान इसे बातचीत की शुरुआत के तौर पर स्वीकार करेगा या नहीं.
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ शांति की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ अमेरिका अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. अमेरिकी सेना अपनी 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ के 1,000 और सैनिकों को भेजने की तैयारी में है. इससे इलाके में पहले से मौजूद 50,000 अमेरिकी सैनिकों को और मजबूती मिलेगी. इतना ही नहीं, पेंटागन दो ‘मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट’ भी तैनात कर रहा है, जिससे करीब 5,000 मरीन और हजारों नौसेना कर्मी इस मोर्चे पर जुड़ जाएंगे.
ट्रंप बोले- सही लोगों से हो रही है बात
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है. उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है. मनीकंट्रोल के अनुसार, अगर ईरान ये शर्तें मानता है, तो अमेरिका उस पर लगे तमाम कड़े प्रतिबंध हटा देगा। इसके अलावा, ईरान को निगरानी में रहते हुए सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की इजाजत मिलेगी. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका को तेल और गैस से जुड़ा एक बहुत बड़ा और कीमती ‘गिफ्ट’ दिया है, जो करोड़ों डॉलर का है. ट्रंप ने कहा कि कल ईरान ने कुछ कमाल का काम किया जिससे उन्हें लगा कि वह सही लोगों से बात कर रहे हैं. हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को फिलहाल खारिज कर दिया है.
ईरान को जेडी वेंस पर भरोसा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने ट्रंप प्रशासन से कहा है कि वे स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर के साथ बातचीत नहीं करना चाहते. ईरान को इन पर भरोसा नहीं है. इसके बजाय, ईरान ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बात करने की इच्छा जताई है क्योंकि उन्हें लगता है कि जेडी वेंस जंग को खत्म करने के लिए ज्यादा गंभीर हैं. दूसरी ओर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने साफ किया कि ट्रंप ही तय करेंगे कि अमेरिका की तरफ से कौन बात करेगा. इस टीम में जेडी वेंस, मार्को रूबियो, स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर शामिल रहेंगे.
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पाकिस्तान निभाएगा बिचौलिये का रोल
इस पूरे मामले में पाकिस्तान की भूमिका अहम होती दिख रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. ट्रंप ने शहबाज शरीफ के इस बयान को शेयर भी किया है, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है और ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह तबाह हो गई है.
प्लान फेल होने का डर क्यों है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप का यह प्लान पुराना है और आज के माहौल में फिट नहीं बैठता. इस पूरे मामले में इजरायल के वो अधिकारी काफी हैरान हैं जो ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के पक्ष में थे. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि अमेरिकी प्रशासन इस वक्त कोई युद्धविराम योजना पेश करेगा. इस घटनाक्रम पर जब व्हाइट हाउस से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है.
द गार्जियन के मुताबिक, हफ्तों तक चले बम धमाकों और हमलों के बाद अब ईरान अपनी सुरक्षा की गारंटी और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा चाह सकता है. ईरान के लिए अपनी मिसाइलें और परमाणु ताकत छोड़ना आसान नहीं होगा, क्योंकि यही उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं. फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 15-पॉइंट वाला प्लान वाकई शांति ला पाएगा या नहीं.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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