1971 नरसंहार पर बोले बांग्लादेशी PM: ‘पाकिस्तानी सेना ने किया था प्री-प्लांड कत्लेआम’

Author Govind jee
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तस्वीर में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान. इमेज सोर्स- @bdbnp78

Tarique Rahman: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बुधवार को ‘जेनोसाइड डे’ (नरसंहार दिवस) के मौके पर 25 मार्च 1971 के पीड़ितों को याद किया. उन्होंने उन बेगुनाह लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्हें पाकिस्तानी सेना ने बेरहमी से मार डाला था. रहमान ने इसे इतिहास के सबसे शर्मनाक और क्रूर दिनों में से एक बताया.

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Tarique Rahman: पीएम रहमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट लिखकर पाकिस्तान की पोल खोली. उन्होंने बताया कि कैसे उस काली रात को पाकिस्तानी कब्जे वाली ताकतों ने निहत्थे बांग्लादेशी लोगों पर ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ के नाम पर हमला किया था. उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश (प्री-प्लांड नरसंहार) थी.

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शिक्षक और छात्रों पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां

पाकिस्तानी सेना ने ढाका यूनिवर्सिटी, पिलखाना और राजरबाग पुलिस लाइन्स जैसी जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इसमें न केवल आम नागरिक, बल्कि प्रोफेसर्स और बुद्धिजीवियों को भी निशाना बनाया गया. रहमान ने सवाल उठाया कि उस वक्त के राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका क्या थी और इस नरसंहार को क्यों नहीं रोका जा सका, यह आज भी रिसर्च का विषय है.

चटगांव से शुरू हुई थी आजादी की जंग

रहमान ने बताया कि 25 मार्च की रात को ही चटगांव में ‘8वीं ईस्ट बंगाल रेजिमेंट’ ने ‘हम विद्रोह करते हैं’ (वी रिवोल्ट) का नारा देकर हथियार उठा लिए थे. यहीं से 9 महीने लंबी आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इस इतिहास के बारे में जानना बहुत जरूरी है ताकि वे आजादी की असली कीमत समझ सकें.

 प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से अपील की कि वे शहीदों के बलिदान का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा बांग्लादेश बनाना है जो विकसित, आत्मनिर्भर और लोकतांत्रिक हो, जहां सबको बराबरी का हक और सम्मान मिले. उन्होंने सभी शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की.

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अमेरिका में गूंजा बांग्लादेशी नरसंहार का मुद्दा

इस बीच, धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले संगठन ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ ने एक बड़ी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि 20 मार्च को अमेरिकी संसद (US House of Representatives) के 119वें सत्र में सांसद ग्रेग लैंड्समैन ने एक प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव में 1971 के दौरान बांग्लादेश में हुए कत्लेआम को आधिकारिक तौर पर ‘नरसंहार’ (जेनोसाइड) के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है.

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