इजरायल के 40 साल के सबसे बड़े हमले में 1500 मौतें: जानें US-ईरान युद्धविराम के बावजूद क्यों जल रहा लेबनान

इजरायल द्वारा किए गए हमले की तस्वीर.
Israel Strikes Lebanon: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ है. इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हमला कर तबाही मचा दी है. आखिर क्यों इस शांति समझौते से लेबनान को बाहर रखा गया और क्या ईरान अब होर्मुज की नाकाबंदी कर पूरी दुनिया का तेल रोक देगा?
Israel Strikes Lebanon: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम शुरू हो चुका है. इस समझौते में होर्मुज की नाकाबंदी, पाबंदियां और हवाई हमलों जैसे बड़े मुद्दों पर सहमति बनी है, जिससे 5 हफ्तों से चल रही जंग पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. लेकिन मिडिल ईस्ट में शांति की इन कोशिशों के बीच इजरायल ने लेबनान पर हमले और तेज कर दिए हैं. इजरायल ने डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम के फैसले का समर्थन तो किया, लेकिन खुद लेबनान पर हमले रोकने से साफ इनकार कर दिया है.
क्यों नहीं थम रहे लेबनान पर हमले?
बुधवार को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले इतने भयानक थे कि लोगों को 1982 के इजरायली हमले की याद आ गई. रॉयटर्स के मुताबिक, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार (8 अप्रैल) को हुए इन इजरायली हमलों में 89 लोगों की जान चली गई और 700 लोग घायल हुए हैं. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिना किसी चेतावनी के हुए, जिससे सड़कों पर भगदड़ मच गई. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्रई ने साफ कर दिया है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता और हिजबुल्लाह के खिलाफ उनका ऑपरेशन जारी रहेगा.
#WATCH | Lebanon | Aftermath of the Israeli strikes on Beirut.
— ANI (@ANI) April 8, 2026
A spokesperson for Lebanon's health ministry told Reuters that Israel's strikes across Lebanon on Wednesday had killed 89 and wounded 700 people.
(Video Source: Reuters) pic.twitter.com/54IWzgQ3Ai
ईरान की धमकी और समझौते पर खतरा
लेबनान पर इजरायली हमलों से ईरान नाराज है. ईरानी न्यूज़ एजेंसी ‘फार्स’ (Fars) के मुताबिक, अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो ईरान युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस बारे में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से भी फोन पर बात की है. उधर, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी ‘एक्सियोस’ को कंफर्म किया है कि लेबनान इस दो हफ्ते के समझौते का हिस्सा नहीं है.
1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं
इस संघर्ष में, जो 2 मार्च को हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर रॉकेट हमलों के बाद शुरू हुआ था. अब तक 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. इस संघर्ष शुरू होने के बाद से, 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं; इनमें 130 से ज्यादा बच्चे और 100 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं. रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक, मार्च के आखिर तक हिजबुल्लाह के 400 लड़ाके मारे गए हैं, जबकि इजरायल ने अपने 10 सैनिकों की मौत की बात कही है.
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होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी
लेबनान पर हमलों के विरोध में ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में ट्रैफिक रोक दिया है. ‘फार्स’ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तेल के टैंकरों की आवाजाही रोक दी गई है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल के हमले जारी रहे, तो वह अमेरिका के साथ हुए इस अहम समझौते को पूरी तरह खत्म कर देगा. इजरायल ने 2 मार्च से लेबनान के 15% इलाके को खाली करने का आदेश दिया है और वह लिटानी नदी तक ‘सुरक्षित क्षेत्र’ बनाने की तैयारी में है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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