ईरान संकट का असर भारत पर भी, गुजरात में नैचुरल गैस की कमी से सिरेमिक इंडस्ट्री प्रभावित

मोरबी का सेरामिक उद्योग गैस की कमी से प्रभावित हो रही है. फोटो- कैनवा.
Israel Iran War Affects India: ईरान- यूएस-इजरायल युद्ध से अब भारत की इंडस्ट्री भी प्रभावित होने लगी हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा की गई नाकेबंदी और असुरक्षा की वजह से भारत का नैचुरल गैस इंपोर्ट में मुश्किल पैदा हो रही है. इसका सीधा असर मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ रहा है.
Israel Iran War Affects India: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्री प्राकृतिक गैस की कमी से प्रभावित हुई है. मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अरवाडिया ने कहा कि उनकी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर गैस और पेट्रोलियम उत्पाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों से आते हैं. इन देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर उद्योग को पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक गैस नहीं मिली, तो कारखानों के बंद होने का खतरा पैदा हो सकता है.
मनोज अरवाडिया ने बताया कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध और उसके बाद GCC देशों में पैदा हुई स्थिति का असर इंडस्ट्री पर पड़ रहा है. मोरबी की पूरी सिरेमिक इंडस्ट्री गैस पर निर्भर है और यहां आने वाली अधिकांश गैस आपूर्ति GCC देशों से होती है और फिलहाल वहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में रोका जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, ‘वहां पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर दी गई है और रास्ता अवरुद्ध है. इसकी वजह से पेट्रोलियम उत्पाद और गैस लेकर आने वाले जहाज यहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसी कारण गैस की कमी हो गई है. अगर गैस की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई, तो हमें आशंका है कि पूरी मोरबी सिरेमिक इंडस्ट्री को बंद करना पड़ सकता है.’
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए थे, जिनमें सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकाने और शासन से जुड़े अहम ढांचे को निशाना बनाया गया. इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इनमें इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन शामिल हैं, जिससे संघर्ष और व्यापक हो गया है. दो दिन बीतने के बाद ही ईरान की आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होना भारत के लिए खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का परिचालन होता है. ऐसे में यहां ब्लॉकेड लगना भारत के एनर्जी सेक्टर पर चोट कर सकता है. भारत अपने जरूरत के 80 प्रतिशत तेल का आयात करता है. मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल आठ सप्ताह का भंडार उपलब्ध है, जिसमें रणनीतिक भंडार भी शामिल है. हालांकि, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ही होरमुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जिससे क्षेत्रीय व्यवधानों का असर सीमित रहता है. लेकिन यह मात्रा कम नहीं है. वहीं, इस रूट से भारत का लगभग 60% गैस आयात होता है.
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भारत के पास पर्याप्त तेल
सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भारत करीबी नजर बनाए हुए है, लेकिन पर्याप्त भंडार और विविध स्रोतों से आयात की व्यवस्था के कारण संभावित आपूर्ति संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए देश पूरी तरह तैयार है. इसी बीच भारत ने रूस से भी अपने जरूरत के तेल आयात करने के लिए बातचीत की है. रूस ने मंगलवार को दावा किया कि ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने को लेकर नए सिरे से दिलचस्पी दिखाई है.
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तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं
रूस के उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने मॉस्को में एक कार्यक्रम से इतर सरकारी टीवी रोसिया से कहा, ‘हां, हमें भारत की तरफ से नयी दिलचस्पी के संकेत मिल रहे हैं.’ होर्मूज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक प्रभावित रहने पर भारत, चीन और जापान समेत प्रमुख आयातकों को होने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. रूस के ऊर्जा क्षेत्र की देखरेख करने वाले नोवाक ने इस संभावना से इंकार नहीं किया कि यूरोपीय संघ भी ऊर्जा संकट को देखते हुए रूस के हाइड्रोकार्बन आयात में कटौती के अपने फैसले में ढील बरत सकता है.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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