7 मेडिकल कॉलेज ने इंटर्न को स्टाइपेंड नहीं दिया, NMC ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

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MBBS Stipend

MBBS डॉक्टर की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

MBBS Stipend: NMC ने सुप्रीम कोर्ट को मेडिकल कॉलेज में मिलने वाले स्टाइपेंड को लेकर बताया कि देश में केवल 7 कॉलेज ही ऐसे हैं जो स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अब NMC ने पूरी रिपोर्ट मांगी है.

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MBBS Stipend: मेडिकल कॉलेज में इंटर्न्स के स्टाइपेंड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया कि देश के 756 मेडिकल कॉलेज में से केवल 7 मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जो अपने इंटर्न्स को स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं. NMC ने बताया कि उसने इन सभी मेडकिल कॉलेज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जवाब मिलने पर उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

573 कॉलेज में आसानी से मिल रहे हैं स्टाइपेंड

सुनवाई के दौरान NMC ने अदालत को बताया कि 573 अंडरग्रेजुएट मेडिकल कॉलेजों में स्टाइपेंड को लेकर कोई विवाद नहीं है. साथ ही यह भी कहा गया कि 176 कॉलेज नए खोले गए हैं. अदालत को यह भी बताया गया कि एक मेडिकल कॉलेज बंद है और वहां कोई इंटर्न नहीं है, जबकि दो कॉलेज जो PG Course चला रहे हैं, वहां फिलहाल कोई इंटर्न मौजूद नहीं है, इसलिए वहां स्टाइपेंड भुगतान का सवाल ही नहीं उठता. NMC के अनुसार, कुल 562 पोस्टग्रेजुएट कोर्स चलाने वाले कॉलेजों में से ज्यादातर कॉलेज सही तरीके से स्टाइपेंड का भुगतान कर रहे हैं.

मेडिकल छात्रों में को मिलने वाला स्टाइपेंड क्यों जरूरी है?

मेडिकल इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को अस्पतालों में काम करना होता है, जिसके बदले उन्हें स्टाइपेंड दिया जाता है. सुप्रीम कोर्ट पहले भी कहा है कि इंटर्न्स को स्टाइपेंड मिलना अनिवार्य है. मेडिकल कॉलेज इस नियम का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं.

NMC की कार्रवाई

NMC ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी. कुछ मामलों में पहले भी कॉलेजों पर जुर्माना और अलर्ट जारी किया गया है. पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कॉलेजों को वेबसाइट पर स्टाइपेंड डिटेल्स दिखाने के निर्देश दिए गए हैं.

आगे क्या होगा?

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाया है और NMC से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. यदि कॉलेज नियमों का पालन नहीं करते हैं तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है. साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है या फिर एडमिशन पर ही प्रतिबंध लग सकता है.

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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