अमेरिका में कैसे बनते हैं डॉक्टर, NEET से कितना अलग है ये पूरा सिस्टम

अमेरिकी डॉक्टर की सांकेतिक फोटो (Image: Canva)
Medical Course in America: अगर आपने कभी सोचा है कि अमेरिका में भी कोई बच्चा 12वीं के बाद सीधे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लेता है, कोई NEET जैसा एग्जाम देकर स्ट्रेट मेडिकल कॉलेज पहुंच जाता है- तो रुकिए, ब्रेक लगाइए. यहां पूरी कहानी उल्टी है.
भारत में हम MBBS (Bachelor of Medicine, Bachelor of Surgery) को अंडरग्रेजुएट डिग्री की तरह जानते हैं. फॉर्मूला सीधा है 12वीं करो, NEET दो, स्कोर के हिसाब से सीट मिली तो सीधे मेडिकल कॉलेज में एंट्री. लेकिन अमेरिका में मेडिसिन एक ग्रेजुएट-लेवल यानी पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोफेशन है.
भारत में NEET और USA में मेडिकल कोर्स में अंतर
| पॉइंट | भारत (NEET रूट) | अमेरिका (US रूट) |
| एंट्री लेवल | 12वीं (PCB) के तुरंत बाद | बैचलर डिग्री पूरी करने के बाद |
| मुख्य प्रवेश परीक्षा | NEET-UG | MCAT |
| मेडिकल डिग्री | MBBS | MD (Doctor of Medicine) या DO (Doctor of Osteopathic Medicine) |
| कोर्स की अवधि | करीब 5.5 साल (इंटर्नशिप सहित) | 4 साल प्री-मेड + 4 साल मेड स्कूल = 8 साल |
| एडमिशन प्रक्रिया | मुख्य रूप से NEET स्कोर और सेंट्रल काउंसलिंग | AMCAS/AACOMAS के जरिए आवेदन, MCAT स्कोर, Essay, Recommendation Letters और Interview |
| डॉक्टर बनने से पहले | 1 साल की इंटर्नशिप | 3 से 7+ साल की Residency |
| अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अवसर | अपेक्षाकृत अधिक | काफी सीमित और प्रतिस्पर्धी |
| कुल समय | लगभग 5.5–6 साल | लगभग 11–15 साल (रेजिडेंसी सहित) |
अमेरिका में मेडिकल की पढ़ाई
अमेरिका में कोई भी स्टूडेंट स्कूल खत्म करते ही सीधे मेडिकल कॉलेज में नहीं घुस सकता. पहले एक पूरी बैचलर डिग्री करनी पड़ती है, जो चार साल की होती है, और उसके बाद ही मेडिकल स्कूल में एडमिशन का चांस मिलता है, जहां से MD (Doctor of Medicine) या DO (Doctor of Osteopathic Medicine) डिग्री दी जाती है.
MCAT एग्जाम: अमेरिका का "NEET"
अमेरिका में मेडिकल कोर्स में एडमिशन MCAT यानी Medical College Admission Test बैचलर डिग्री के दौरान दिया जाता है. ज्यादातर स्टूडेंट्स इसे अपने जूनियर ईयर में देते हैं, यानी बैचलर डिग्री पूरी करते-करते. MCAT परीक्षा एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन मेडिकल कॉलेज यानी AAMC के द्वारा आयोजित की जाती है.
MCAT यह देखता है कि आप डॉक्टर बनने की पढ़ाई के लिए कितने तैयार हैं. -AAMC Website
7.5 घंटे का एग्जाम
यह करीब 7.5 घंटे का बेहद लंबा एग्जाम है. इसमें सिर्फ साइंस नॉलेज ही नहीं बल्कि क्रिटिकल एनालिसिस, रीजनिंग और साइकोलॉजी-सोशियोलॉजी तक टेस्ट की जाती है.
| टेस्ट सेक्शन | प्रश्नों की संख्या | समय |
| Biological and Biochemical Foundations of Living Systems | 59 | 95 मिनट |
| Chemical and Physical Foundations of Biological Systems | 59 | 95 मिनट |
| Psychological, Social, and Biological Foundations of Behavior | 59 | 95 मिनट |
| Critical Analysis and Reasoning Skills (CARS) | 53 | 90 मिनट |
| कुल | 230 प्रश्न | 375 मिनट (6 घंटे 15 मिनट) |
MCAT परीक्षा के दौरान पहले और तीसरे सेक्शन के बाद उम्मीदवारों को 10-10 मिनट का ऑप्शनल ब्रेक मिलता है, जबकि दूसरे सेक्शन के बाद 30 मिनट का लंच ब्रेक दिया जाता है. परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को Prometric Test Center पर चेक-इन प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचना होता है."
कौन दे सकता है MCAT?
अमेरिका और कनाडा के छात्र आमतौर पर बैचलर डिग्री पूरी कर चुके हों या उसमें पढ़ाई कर रहे हों. भारत जैसे अन्य देशों के छात्रों के लिए आमतौर पर MBBS डिग्री होना या MBBS कोर्स में दाखिला होना जरूरी माना जाता है. अगर आप इन शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, तो AAMC (Association of American Medical Colleges) से Special Permission लेनी पड़ सकती है.
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लाइसेंसिंग एग्जाम जरूरी
MD या DO डिग्री के बाद डॉक्टर बनने के लिए स्टेप-वाइज लाइसेंसिंग एग्जाम पास करने होते हैं, और उसके बाद ही रेजिडेंसी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू होती है. यह पूरा सफर भारत के इंटर्नशिप मॉडल से काफी अलग और लंबा है.

डबल डिग्री का भी ऑप्शन
ज्यादातर स्टूडेंट्स सिंगल डिग्री यानी MD या DO ही लेते हैं, लेकिन कुछ स्टूडेंट्स MD/PhD, MD/MPH या MD/MBA जैसी डुअल डिग्री भी पूरी करते हैं, जिनके लिए आमतौर पर दोनों प्रोग्राम्स में अलग-अलग एडमिशन लेना पड़ता है.
अमेरिका में डॉक्टर बनने के लिए USMLE का रास्ता
अमेरिका में डॉक्टर बनने के सफर में एक और नाम बार-बार सुनाई देता है, वो है USMLE. इसका पूरा नाम United States Medical Licensing Examination है. यह एग्जाम तीन स्टेप्स में होता है-
- स्टेप 1 मेडिकल स्कूल के दौरान ही दिया जाता है और इसमें बेसिक साइंस की गहरी समझ परखी जाती है.
- स्टेप 2 में क्लिनिकल नॉलेज और क्लिनिकल स्किल्स दोनों की परीक्षा होती है, जो आमतौर पर मेडिकल स्कूल के आखिरी साल में या रेजिडेंसी में जाने से पहले दिया जाता है.
- स्टेप 3 रेजिडेंसी के दौरान या उसके शुरुआती दौर में देना होता है, और इसे पास करने के बाद ही किसी डॉक्टर को अमेरिका में इंडिपेंडेंट प्रैक्टिस का पूरा लाइसेंस मिलता है.
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लेखक के बारे में
By रवि मल्लिक
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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