पलायन रोकने के लिए CM हेमंत ने बनाया मास्टर प्लान, नोएडा-मुंबई समेत 5 शहरों में खुलेंगे सहायता केंद्र

Updated:
विज्ञापन

बैठक करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री संजय प्रसाद यादव, Pic Credit- X

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रम एवं योजना विभाग की समीक्षा की. उन्होंने 3 माह में प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस बनाने, नोएडा-मुंबई सहित 5 शहरों में सहायता केंद्र खोलने और ITI को मॉडल संस्थानों में बदलने के निर्देश दिए हैं.

विज्ञापन

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट

विज्ञापन

Hemant Soren, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में श्रम और योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा की. बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के पलायन को रोकने, कौशल विकास और श्रमिक कल्याण को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड को केवल श्रमिक आधारित राज्य की पहचान नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है.

अगले 3 माह में तैयार होगा श्रमिकों का ‘लोकेशन डाटाबेस’

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले तीन महीने के भीतर राज्य के असंगठित और प्रवासी श्रमिकों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए. पोर्टल पर यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि राज्य के कितने श्रमिक किस प्रदेश में और क्या कार्य कर रहे हैं. साथ ही बड़े पैमाने पर कैंप लगाकर श्रमिकों का पंजीकरण और ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों को सेफ्टी किट, जूता, हेलमेट, ग्लव्स और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है. ‘श्रमिक चौक’ चिह्नित कर वहां शेड, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी. नोएडा, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई में सहायता केंद्र खुलेंगे. यहां तक कि विदेशों में भी मदद मिलेगी. प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए सरकार ‘झारखंड राज्य प्रवासी सुलभ सहायता योजना’ के तहत बड़े शहरों में सहायता केंद्र स्थापित करेगी. ये केंद्र संकट की स्थिति में विदेशों में बैठे प्रवासी श्रामिकों की भी मदद करेगी.

Also Read: आठवें वेतन आयोग की कार्यप्रणाली में तेजी लाने की मांग, केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ ने केंद्र सरकार से की अपील

मॉडल ITI और हाई वैल्यू कृषि कोर्स की शुरुआत

कौशल विकास को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा और प्रशिक्षण के ढांचे में बदलाव का निर्देश दिया. इसके तहत प्रत्येक जिले में एक मॉडल आईटीआई विकसित किया जाएगा और संस्थानों की ग्रेडिंग होगी. तकनीकी शिक्षा में ‘हाई वैल्यू कृषि आधारित कोर्स’ शामिल किए जाएंगे. उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर युवाओं के लिए ठोस प्लेसमेंट नीति बनाने पर जोर दिया गया.

सीएम ने प्रवासियों से की सीधी बात

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जबलपुर में कार्यरत सूरज कुमार (ITI धनबाद) और पुणे में कार्यरत अनिमा कुमारी (लोहरदगा ट्रेनिंग सेंटर) से बात की. सीएम ने उनके कार्यस्थल की सुरक्षा और सुविधाओं का फीडबैक लिया और उनके बेहतर भविष्य की कामना की. इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

Also Read: Gumla: चोरों के आतंक के बाद जागी पुलिस, व्यापारियों के साथ की बैठक, बढ़ायी जायेगी पेट्रोलिंग

आपके शहर में

विज्ञापन

Loading Review Hub...

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola