US-ईरान युद्ध के बीच सड़कों पर सेल्फी लेते दिखे ईरानी विदेश मंत्री और राष्ट्रपति, क्या ट्रंप ने मानी अपनी हार?

तस्वीर में बाएं से ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची
Iran: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार को तेहरान की सड़कों पर बिना किसी भारी सुरक्षा के आम लोगों के बीच घूमते नजर आए. 'इस्लामिक रिपब्लिक डे' के मौके पर हुई रैलियों में ये नेता लोगों से हाथ मिला रहे थे और सेल्फी ले रहे थे.
Iran: यह नजारा तब दिखा जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान पर ’10 मुसीबतों’ वाले हमले की धमकी दे रखी है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बाइबिल के ’10 प्लेग्स’ (10 महामारियों) का हवाला देते हुए ईरान के सीनियर लीडर्स और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की जो चेतावनी दी है, उसे ही ’10 मुसीबतों’ वाला हमला कहा गया है.
अराघची ने अल जजीरा से कहा कि वे लोगों से जुड़कर एकता की ताकत महसूस करने आए हैं. खास बात यह है कि इससे पहले ये नेता ‘कुद्स डे’ पर पूर्व सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी के साथ दिखे थे, जिनकी बाद में एक हमले में मौत हो गई थी.
अमेरिकी सेना की 3 हफ्ते में घर वापसी का ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी के अंत में जब ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ शुरू किया था, तब उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका ने एक घंटे में ही जीत हासिल कर ली है. एबीसी न्यूज और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए ट्रंप लगातार कहते रहे कि ईरान की मिलिट्री 100% खत्म हो चुकी है. लेकिन अब युद्ध के 32 दिन बाद अमेरिकी सुर पूरी तरह बदल गए हैं.
जिस ईरान को ट्रंप ‘मिटा देने’ की बात कर रहे थे, अब वह कह रहे हैं कि यह अमेरिका की समस्या ही नहीं है. ट्रंप ने घोषणा कर दी है कि डील हो या न हो, अमेरिकी सेना अगले दो-तीन हफ्तों में मिडिल ईस्ट से बाहर निकल जाएगी. नीचे आप वीडियो देख सकते हैं.
✊ EL PRESIDENTE Y EL MINISTRO DE EXTERIORES DE IRÁN PARTICIPAN EN UNA MANIFESTACIÓN CONTRA AGRESIONES DE EE.UU. E ISRAELhttps://t.co/tlZkew2AFy pic.twitter.com/h4f1y55fzF
— RT en Español (@ActualidadRT) April 1, 2026
El presidente de Irán, Masoud Pezeshkian, y el ministro de Exteriores, Abbas Araghchi, participaron personalmente en una manifestación contra las agresiones de EE.UU. e Israel contra su nación. pic.twitter.com/Nm0k096d5G
— RT en Español (@ActualidadRT) April 1, 2026
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ने बिगाड़ा खेल, तेल की कीमतों पर मंडराया संकट
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ईरान की मिलिट्री ‘कैपिसिटी’ खत्म हो गई है, इसलिए चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों को जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की सुरक्षा के लिए अपने जहाज भेजने चाहिए. लेकिन हकीकत यह है कि इसी रास्ते से होने वाली तेल की सप्लाई ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है.
ट्रंप ने ईरान को ‘भिखारी’ जैसा बताते हुए कहा था कि वे समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने साफ कर दिया कि वे कोई सीजफायर स्वीकार नहीं करेंगे. ‘Ynet न्यूज’ की रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है.
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हत्या की लिस्ट से हटे नाम
खतरनाक होती स्थिति के बीच एक चौंकाने वाली खबर आई है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत का रास्ता खुला रखने के लिए अमेरिका और इजरायल ने अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नाम अपनी ‘हिट लिस्ट’ यानी हत्या वाली सूची से हटा दिए हैं.
अराघची ने ‘अल जजीरा’ को बताया कि वे अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ मैसेज के जरिए संपर्क में तो हैं, लेकिन इसे आधिकारिक बातचीत नहीं कहा जा सकता. ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट वाले प्रस्ताव का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है और अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार होने का दावा किया है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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