अररिया में जनजातीय गांवों में आज से चलेगा बड़ा जागरूकता अभियान, घर-घर पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 18 May 2026 10:32 AM
सांकेतिक तस्वीर
Araria Tribal Campaign: अररिया में जनजातीय बहुल इलाकों में अब सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचायी जाएगी. 18 मई से शुरू हो रहे विशेष जागरूकता अभियान के जरिए प्रशासन दूरदराज के गांवों में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं से जोड़ने की तैयारी में है.
Araria Tribal Campaign: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट. अररिया जिले में जनजातीय समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से 18 मई से 25 मई 2026 तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. जिलाधिकारी Vinod Duhan के निर्देश पर इस अभियान की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. सोमवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी इस अभियान का उद्घाटन करेंगे.
दूरदराज गांवों तक पहुंचेगी सरकारी जानकारी
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है. प्रशासन की ओर से बताया गया है कि खास तौर पर पीएम-जेएएनएमएन और डीए-जेेजीयूए जैसी योजनाओं से पात्र लोगों को जोड़ने पर फोकस रहेगा.
अभियान के दौरान ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया में भी मदद की जाएगी ताकि जरूरतमंद लोग सरकारी लाभ से वंचित न रहें.
शिविरों में होगा ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण
प्रशासन द्वारा चयनित पंचायतों और गांवों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों में सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के जरिए लोगों को योजनाओं के बारे में बताया जाएगा. साथ ही पात्र लाभार्थियों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण भी किया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार शिविरों में लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की भी व्यवस्था रहेगी. इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
पलासी प्रखंड के गांवों पर विशेष फोकस
अभियान के लिए पलासी प्रखंड के कई जनजातीय बहुल गांवों और पंचायतों का चयन किया गया है. इनमें बलुआ, कुजरी, पकड़ी, नकटाखुर्द और बरहकुम्बा पंचायत शामिल हैं. प्रशासन का मानना है कि इन इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं.
अब विशेष शिविरों के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
प्रशासन को अभियान से बड़ी उम्मीद
जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे सरकारी योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे.
स्थानीय लोगों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर योजनाओं की सही जानकारी गांव तक पहुंचेगी तो बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिल सकेगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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