एप्स्टीन का शिकार बनी महिलाओं को मिलेगा इतना मुआवजा, कोर्ट ने दी प्रारंभिक मंजूरी

Updated at : 04 Apr 2026 12:01 PM (IST)
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Epstein's victims gets Preliminary approval to receive 72.5 Million Dollar Compensation.

जेफ्री एप्स्टीन ने अपनी गर्लफ्रेंड घिसलीन मैक्सवेल के साथ मिलकर लड़कियों को शिकार बनाया था.

Epstein Victims Compensation: अमेरिकी के दिवंगत वित्तीय कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का शिकार बनी महिलाओं को 7.25 करोड़ डॉलर का मुआवजा जारी किया जा सकता है. डिस्ट्रिक्ट जज जेड एस राकोफ ने इसके लिए प्रारंभिक मंजूरी दे दी है.

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Epstein Victims Compensation: जेफ्री एप्स्टीन द्वारा 2008 से यौन शोषण का शिकार हुईं करीब 75 महिलाओं को 7.25 करोड़ डॉलर के उस मुआवजा कोष से सहायता जारी की सकती है. यह बैंक ऑफ अमेरिका ने पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों के साथ समझौते के तहत स्थापित किया है. केस लड़ रहे वकीलों ने इस बात की जानकारी साझा की.

यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेड एस राकोफ ने बृहस्पतिवार को इस समझौते को प्रारंभिक मंजूरी दे दी और अंतिम मंजूरी के लिए 27 अगस्त को सुनवाई तय की है. उन्होंने वकीलों को यह भी निर्देश दिया कि वे शुक्रवार तक उन प्रकाशनों की विस्तृत सूची पेश करें, जिनके जरिए एप्स्टीन के पीड़ितों को इस मुआवजा कोष की जानकारी दी जा सके. न्यायाधीश ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ‘कोई भी पीड़िता सहायता से वंचित न रह जाए.’

पीड़ित महिलाओं ने दायर किया था केस

एप्स्टीन द्वारा यौन शोषण का शिकार हुई महिलाओं के वकीलों ने बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जून 2008 से लेकर जुलाई 2019 की शुरुआत तक बैंक ने उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस दौरान एपस्टीन लगातार लड़कियों और महिलाओं का शोषण कर रहा था. 

वकील और जज क्या बोले?

बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के दौरान वकील डेविड बोइस ने कहा कि पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों का अनुमान है कि 60 से 75 महिलाएं दावे पेश करेंगी, जिनके आधार पर वे इस समझौता कोष से मुआवजा पाने की पात्र होंगी. उन्होंने यह भी कहा, ‘संभव है कि कुछ पीड़ित अब भी हमारी पहचान में नहीं आई हों.’

न्यायाधीश राकोफ ने कहा, ‘जेफ्री एप्स्टीन के जघन्य अपराधों का शिकार हुई पीड़िताओं की पीड़ा को कम नहीं किया जा सकता लेकिन वे उन सभी व्यक्तियों या संस्थाओं से न्यायोचित मुआवजा पाने की हकदार हैं, जिन्होंने जानबूझकर, लापरवाही से या किसी अन्य अवैध तरीके से उसके यौन अपराधों में सहयोग किया.’

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क्या था एपस्टीन से जुड़ा मामला?

एपस्टीन को 6 जुलाई 2019 को यौन अपराधों के आरोपों में गिरफ्तारी किया गया था. एप्स्टीन की अगस्त 2019 में मैनहैटन की एक संघीय जेल में मौत हो गई, जिसे आत्महत्या करार दिया गया. उसके खिलाफ महिलाओं, खासकर अंडरएज गर्ल्स के साथ यौन अपराधों की जांच चल रही है. यह सारे  अपराध 1990 से 2005 तक किए गए. 

इनमें विश्व भर के बड़े नेता और ताकतवर लोग शामिल थे. लड़कियों के साथ इन अपराधों को उसके निजी द्वीप- लिटिल सेंट जेम्स अंजाम दिया गया. यह कैरिबियन सागर में स्थित अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह का हिस्सा है. यहां पर एपस्टीन के प्राइवेट जेट- लोलिता एक्सप्रेस के जरिए लोग जाते थे. 

2005 में पहली बार यह मामला सामने आया, जब एक 14 साल की लड़की ने एपस्टीन के खिलाफ केस किया. उसके बाद तीन साल तक यह मामला चला और 2009 में उसे 18 महीने की सजा सुनाई गई, हालांकि, 13 महीने बाद ही वह रिहा हो गया. 

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अब तक जारी किए गए लाखों दस्तावेज

2017 में एक बार फिर एपस्टीन का मामला खुला. यह मी टू मूवमेंट की वजह से चर्चा में आया था.इसमें वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन जैसों का भी नाम आया. बड़े नाम आने के बाद पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब तक चल रही है.  

इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने जनवरी 2026 के अंत तक 30 लाख से अधिक दस्तावेज जारी किए हैं. इन फाइलों में 2,000 से अधिक वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं, इससे उसके अपराधों के व्यापक दायरे का अंदाजा लगाया जा सकता है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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