'ट्रंप की स्थित खराब, इसलिए मोदी-इंडिया को खुश करने रूबियो को भेजा', पाकिस्तानी एक्सपर्ट बोले- भारत ने सिखाया सबक

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 25 May 2026 8:23 AM

विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, मार्को रूबियो और नरेंद्र मोदी. फोटो- एक्स.

Pakistani Expert on Rubio India Visit: भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री इंडिया और यूएस के रिश्ते सुधारने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. इस दौरे पर पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप की स्थिति बहुत कमजोर है, इसलिए मोदी और इंडिया को खुश करने के लिए उन्होंने रूबियो को भेजा है.

विज्ञापन

Pakistani Expert on Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. वह अपनी चार दिनी यात्रा के लिए 23 मई को भारत में लैंड हुए. उनका विमान कोलकाता में उतरा. ईरान युद्ध के कारण बदलती वैश्विक परिस्थिति की वजह से उनका यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. अब तक रूबियो ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री के सााथ मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के खराब हुए रिश्ते को सुधारने की कोशिश की है. इस पर पाकिस्तान के पत्रकार नजम सेठी ने कहा कि ट्रंप की पॉलिटिकल सिचुएशन बहुत खराब है, इसलिए उन्हें मोदी को मनाने के लिए रूबियो को भेजना पड़ा.  

सोशल मीडिया पर अमित कुमार सिंधी नाम के अकाउंट ने पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार की एक वीडियो क्लिप शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी को मनाने और तनाव कम करने के लिए रूबियो को भेजना पड़ा. हालांकि, जब रूबियो भारत पहुंचे तो जयशंकर भी उनका स्वागत करने नहीं गए, जो उनके अनुसार भारत की नाराजगी जताने का तरीका था.

वीडियो में सुना जा सकता है, नजम सेठी ने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘अब स्थिति यह है कि अमेरिका को भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने की जरूरत है. आखिर भारत एक बड़ा देश है और बेहद महत्वपूर्ण भी है. सच तो यह है कि दुनिया के सबसे बड़े देशों में भारत की अहम जगह है.’

सेठी ने आगे कहा कि भारत का अमेरिका के साथ पहले से ही बड़ा व्यापारिक रिश्ता है. भारतीय नागरिक, प्रोफेशनल्स और इंडियन-अमेरिकन समुदाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाते हैं. अमेरिका की राष्ट्रपति चुनावी कैंपेन फंडिंग में भी उनका बड़ा योगदान रहता है. इसलिए मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत के साथ रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने कहा कि यह मत भूलिए कि इस पूरे संघर्ष में भारत अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और इजरायल के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया. लेकिन अमेरिका ने भारत की खुलकर तारीफ नहीं की, जबकि इजरायल ऐसा कर रहा था. यही वजह है कि मार्को रुबियो को मोदी से मिलने और भारत को खुश करने के लिए भेजा जा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की तरफ से कुछ ऐसे कदम उठाए गए, जिन्हें भारत ने अपमान की तरह लिया. एस. जयशंकर ने रुबियो से मुलाकात नहीं की. यह अमेरिका को संदेश देने का तरीका था कि ‘हम आपसे खुश नहीं हैं. हम भारत हैं.’ भारत ने अमेरिका को संकेत दिया. उन्होंने रूबियो को रिसीव करने के लिए प्रोटोकॉल के मुताबिक बराबर स्तर के प्रतिनिधि भेजने के बजाय विदेश मंत्रालय का निचले स्तर का अधिकारी भेजा. सवाल यह था कि आप हमारे साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं. यही इसकी वजह थी.

सेठी ने आगे कहा कि तुलना तब भी देखने को मिली, जब जेडी वेंस पाकिस्तान आए थे. वहां उनका स्वागत किस स्तर पर हुआ और भारत में क्या हुआ, यह सबके सामने है. देखें इस बातचीत का वीडियो-

विदेश मंत्री अमेरिकी सत्ता में चौथे नंबर पर

अमेरिका में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट यानी विदेश मंत्री का पद बेहद ताकतवर और अहम माना जाता है. यह अमेरिकी विदेश विभाग का प्रमुख होता है और सीधे राष्ट्रपति के साथ मिलकर देश की विदेश नीति तय करता है. विदेश मंत्री दुनिया के दूसरे देशों के साथ बातचीत, समझौते और कूटनीतिक रिश्तों में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करता है. राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम में भी यह चौथे नंबर पर आता है, इसलिए इसकी राजनीतिक अहमियत काफी ज्यादा होती है.

अमेरिकी विदेश मंत्री को अक्सर अमेरिका का सबसे बड़ा कूटनीतिक चेहरा माना जाता है. किसी देश में उनका दौरा या बड़े नेताओं से मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं होती, बल्कि इसे अमेरिका के राजनीतिक और रणनीतिक संकेत के तौर पर देखा जाता है. खासकर भारत, चीन, रूस और मध्य-पूर्व जैसे मुद्दों पर विदेश मंत्री की सक्रियता सीधे व्हाइट हाउस की प्राथमिकताओं को दिखाती है.

ये भी पढ़ें:- ‘हर देश में होते हैं मूर्ख लोग’, नई दिल्ली में किस पर भड़के अमेरिकी विदेश मंत्री? जयशंकर के सामने लताड़ा 

गंभीर नेता हैं मार्को

वैसे मार्को रूबियो वर्तमान ट्रंप प्रशासन में काफी गंभीर नेता माने जाते हैं. वह ऊलजलूल बयान बिल्कुल नहीं देते. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और ईरान पर दिए गए बयानों या एक्शन का अब तक बखूबी बचाव किया है. भारत दौरे पर भी उन्होंने पीएम मोदी और डॉ जयशंकर से मुलाकात करके इंडिया और यूएस रिलेशंस को सुधारने की कोशिश की है. 

इसका एक उदाहरण तब मिला, जब नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वीजा मुद्दा उठाया गया, तो उन्होंने कहा कि यह भारत को टारगेट करने के लिए नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी समाज में भारतीयों के योगदान को स्वीकार करते हैं. रूबियो ने अपने माता पिता का उदाहरण देते हुए एक सधा हुआ कूटनीतिक उत्तर दिया.

ये भी पढ़ें:- डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान से होगी ‘सख्त और अलग’ डील, नहीं मिलेगा कोई कैश; ओबामा पर फिर साधा निशाना

बीच संबोधन आया ट्रंप का फोन

भारत मंडपम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उस वक्त खास माहौल बन गया, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंच से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की. कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी मौजूद थे। फोन पर ट्रंप ने सभी को नमस्कार कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं और वह उनके बड़े प्रशंसक हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और भारत पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं और भारत हमेशा अमेरिका पर भरोसा कर सकता है. उनकी आवाज कार्यक्रम में मौजूद लोगों तक पहुंचाने के लिए अमेरिकी राजदूत ने अपना फोन माइक्रोफोन के पास रख दिया था.

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola