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हमला मत करो, वरना ऐसा मारेंगे जैसा पहले किसी ने नहीं देखा… ट्रंप ने फिर ईरान को हड़काया

Updated at : 01 Mar 2026 1:39 PM (IST)
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Donald Trump warns Iran again after they vow retaliation following Khamenei's death

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई. फोटो- एक्स.

Donald Trump warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को वार्निंग दी है कि अगर ईरान ने हमला करना नहीं बंद किया, तो उसके ऊपर ऐसे हमले किए जाएंगे, जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखे होंगे. ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद शिया मुल्क ने मिडिल ईस्ट में यूएस अड्डों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हमले किए हैं.

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Donald Trump warns Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में जोरदार प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने यह चेतावनी दी है. इससे पहले ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 14 बेस पर 400 मिसाइलों से हमला किया. इसके अलावा ईरान ने यूएई के कुछ आइकॉनिक इमारतों को भी निशाना बनाया है.  

ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर उसे ऐसी ताकतवर जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.’ ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान ने अभी कहा है कि वह आज बहुत जोरदार हमला करने जा रहा है, अब तक के किसी भी हमले से ज्यादा. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी.’

सुप्रीम लीडर की मौत के बाद गुस्से में ईरान

प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत को ‘इस्लामिक क्रांति के नेता की हत्या का अपराध’ बताया. उसने कहा कि यह ‘बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा.’ ईरानी बयान में यह भी कहा गया कि ‘शहीद नेता का पाक खून अमेरिका और इजरायल की आपराधिक हुकूमतों को जड़ से उखाड़ फेंकेगा.’ अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जा रहा है. खामेनेई की मौत शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/लायंस रोर) के बाद हुई. 

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रविवार को बताया कि देश की रक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में ईरान के सैन्य प्रमुख और रक्षा मंत्री मारे गए. हमले के दौरान बैठक में शामिल जनरल अब्दोल रहीम मूसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह की मौत हो गई. इससे पहले ईरान ने रविवार सुबह अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी की मौत की घोषणा की थी.

अयातोल्लाह अली खामेनेई, इस्लामिक क्रांति के संस्थापक रूहोल्लाह खोमैनी के उत्तराधिकारी थे. 1989 से उनका शासन पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ लगातार और अडिग प्रतिरोध की कहानी रहा है. उन्होंने अपने 36 साल के शासन में अमेरिका और इजरायल से ही लोहा लेते रहे. अब खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन सबका ध्यान है. युद्ध जैसी परिस्थितियों में बैठकें करना बेहद मुश्किल है और सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि गणराज्य का भविष्य आखिर किसके हाथ में होगा? खामेनेई की मौत के बाद ईरान में प्रदर्शन होने लगे. ईरान की सड़कों पर सरकार के समर्थक आ गए. अशांति को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. 

भारत में ईरानी दूतावास ने की कड़ी निंदा

रविवार को भारत में ईरान के दूतावास ने ईरान में इजरायल-अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की. दूतावास ने इस कार्रवाई को ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए दुनिया भर की सरकारों से इस हत्या की निंदा करने की अपील की. साथ ही, दूतावास ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का एक बयान भी साझा किया, जिसमें कुवैत में एक अमेरिकी पोत और नौसैनिक अड्डे के खिलाफ ईरान की सैन्य कार्रवाई का विवरण दिया गया.

ईरान ने कहां-कहां और कैसे हमले किए?

भारत में ईरान के दूतावास ने IRGC की एक घोषणा साझा की. इसमें बताया गया कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की पांचवीं लहर के तहत हिंद महासागर में एक MSP जहाज पर हमला किया गया. उसने कहा कि इस पर अमेरिकी जहाजों के लिए गोला-बारूद ले जाया जा रहा था. इसको जेबेल अली एंकरिज पर चार ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे वह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया और उसमें भारी नुकसान व विस्फोट हुए. इसके अलावा, कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें सभी ढांचे नष्ट होने और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने व घायल होने का दावा किया गया. अन्य अपडेट्स में कहा गया कि MST-क्लास का एक कॉम्बैट सपोर्ट जहाज, जो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाज़ों के लिए ईंधन ले जा रहा था, ईरानी क़द्र 380 मिसाइलों से निशाना बनाया गया. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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