‘उन्हें नहीं पता क्या बोल रहे हैं’… ट्रंप ने जर्मन चांसलर को घेरा; कहा- ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन हुआ तो दुनिया बन जाएगी बंधक

Published by :Govind Jee
Published at :29 Apr 2026 9:34 AM (IST)
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Donald Trump Slams German Chancellor Iran Nuclear Threat

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और जर्मन चांसलर मर्ज.

Trump Slams German Chancellor: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और जर्मन चांसलर मर्ज के बीच ईरान विवाद पर जुबानी जंग तेज हो गई है. मर्ज ने अमेरिका की युद्ध नीति और एग्जिट प्लान की कमी पर सवाल उठाए, तो वहीं ट्रंप ने जवाबी हमला करते हुए ईरान को ग्लोबल खतरा बताया.

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Trump Slams German Chancellor: मंगलवार (28 अप्रैल) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए तीखा हमला किया. ट्रंप ने आरोप लगाया कि जर्मन चांसलर को ईरान के परमाणु इरादों की सही समझ नहीं है और वे ट्रंप के स्टैंड को भी गलत तरीके से पेश कर रहे हैं.

ट्रंप बोले- मर्ज को नहीं पता वे क्या कह रहे हैं

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि फ्रेडरिक मर्ज को लगता है कि ईरान का परमाणु हथियार रखना ठीक है. ट्रंप ने लिखा कि उन्हें नहीं पता कि वे क्या कह रहे हैं. अगर ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन आ गया, तो पूरी दुनिया उसकी बंधक बन जाएगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन ईरान को लेकर वो कदम उठा रहा है, जो पिछले राष्ट्रपतियों ने नहीं उठाए. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसीलिए जर्मनी आर्थिक और अन्य मोर्चों पर पिछड़ रहा है.

चांसलर मर्ज ने उठाए थे अमेरिका की रणनीति पर सवाल

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोमवार को पश्चिमी जर्मनी के मार्सबर्ग में एक स्कूल के दौरे पर मर्ज ने अमेरिका की ईरान नीति की कड़ी आलोचना की थी. मर्ज ने कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका के पास कोई ‘एग्जिट प्लान’ यानी बाहर निकलने की रणनीति नहीं दिख रही है. उन्होंने अफगानिस्तान और इराक युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी लड़ाइयों में घुसना आसान है, लेकिन निकलना बहुत मुश्किल होता है.

ईरान की ताकत को कम आंकने पर दी चेतावनी

चांसलर मर्ज के अनुसार, ईरान की लीडरशिप बहुत चतुराई से बातचीत कर रही है और वे उम्मीद से ज्यादा मजबूत साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के क्रांतिकारी गार्ड (Revolutionary Guards) अमेरिका जैसे देश को कूटनीतिक बातचीत में नीचा दिखा रहे हैं. मर्ज ने उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें अमेरिकी अधिकारियों ने बातचीत के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी आशंका

मर्ज ने दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर भी अलर्ट जारी किया. उन्होंने बताया कि इस रास्ते पर समुद्री सुरंगें (माइन्स) बिछाई गई हैं. चूंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल की सप्लाई के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है, इसलिए यहां कोई भी रुकावट ग्लोबल मार्केट और ट्रेड के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.

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नाटो देशों के बीच बढ़ता तनाव

इस पूरी बहस ने अमेरिका और उसके यूरोपीय नाटो सहयोगियों के बीच बढ़ती दूरी को साफ कर दिया है. यूक्रेन और अन्य वैश्विक मुद्दों के बाद अब ईरान के मुद्दे पर भी जर्मनी और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्ते तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं. मर्ज ने अमेरिका की इस पूरी रणनीति को “बिना सोच-समझकर उठाया गया कदम” बताया है.

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लेखक के बारे में

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गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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