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भारत-चीन के रिश्तों का नया अध्याय! सीधी उड़ानें और व्यापारिक समझौते तय, कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 से

Updated at : 20 Aug 2025 11:05 AM (IST)
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China Resume Direct Flights

भारत-चीन के रिश्तों का नया अध्याय! चीन ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू कीं

China Foreign Minister Wang Yi India Visit: भारत और चीन ने वांग यी की यात्रा के दौरान सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और कैलाश मानसरोवर यात्रा को जारी रखने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने वीजा सुविधा बढ़ाने और सीमा मुद्दों को सतर्कता से संभालने पर भी जोर दिया.

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China Foreign Minister Wang Yi India Visit: भारत और चीन ने आपसी बातचीत के दौरान सीधी उड़ान सेवाओं को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने और अपडेटेड एयर सर्विसेज एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है. दोनों देशों ने पर्यटन, व्यापार, मीडिया और अन्य आगंतुकों के वीजा की सुविधा बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की. यह उड़ानें डोकलाम संकट और कोविड-19 महामारी के कारण रुकी हुई थीं.

China Resume Direct Flights: कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी  

मंगलवार को दोनों देशों ने 2026 से तिब्बत में स्थित माउंट कैलाश/गंगरेनपोचे और मणसारोवर झील/मापम यून त्सो की भारतीय तीर्थयात्रा को जारी रखने और इसके दायरे का विस्तार करने पर सहमति जताई. सिक्किम के राज्यसभा सांसद डीटी लेप्चा द्वारा संसद में नाथूला मार्ग के पुनः खुलने का मामला उठाने के बाद भारत सरकार और सिक्किम सरकार ने समन्वित प्रयास किए. नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा फिर से शुरू होने से तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा मिलेगा. (Kailash Mansarovar Yatra 2026)

China Foreign Minister Wang Yi India Visit: पीएम मोदी ने वांग यी से की मुलाकात

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वांग यी, जो सीपीसी सेंट्रल कमेटी के पोलिटिकल ब्यूरो के सदस्य और विदेशी मामलों के निदेशक हैं, से पीएमओ दिल्ली में मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने वांग यी से कहा कि वे अपने हार्दिक संदेश चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग तक पहुंचाएं. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) टियानजिन समिट में भाग लेने और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की अपनी प्रतीक्षा जताई. भारत SCO की रोटेटिंग अध्यक्षता का पूरा समर्थन करेगा और समिट की सफलता सुनिश्चित करेगा.

पढ़ें: 5 प्वाइंट्स में जानें चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा पर पीएम मोदी और जयशंकर की मुलाकात का क्या रहा परिणाम?

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन प्राचीन सभ्यताएं हैं, जिनका लंबे समय से मित्रतापूर्ण आदान-प्रदान रहा है. पिछले अक्टूबर में कजान में दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और विकास का मील का पत्थर साबित हुई. बयान में कहा गया है कि भारत और चीन प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि साझेदार हैं और दोनों को विकास को तेजी से आगे बढ़ाने का साझा लक्ष्य है. दोनों पक्षों को आदान-प्रदान बढ़ाना, समझ को मजबूत करना और सहयोग का विस्तार करना चाहिए. सीमा संबंधी मुद्दों को सतर्कता से संभालना चाहिए ताकि मतभेद विवाद में न बदलें. पिछले नौ महीनों से सीमा पर शांति बनी हुई है, जिससे दोनों देशों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति का अवसर मिला है. NSA ने यह भी जानकारी दी कि पीएम मोदी शीघ्र ही चीन की यात्रा पर जाएंगे.

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आर्थिक और व्यापारिक सहयोग में बदलाव

अप्रैल 2025 में ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन और भारत समेत कई देशों के आयात पर रोक लगाने के निर्णय के बाद, चीन ने अपने निर्यात पर कड़े नियम लागू किए. सबसे पहले रेयर अर्थ मैग्नेट और अन्य दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर पाबंदी लगाई, इसके बाद बड़ी मशीनरी और टनल बोरिंग मशीनों के निर्यात को सीमित किया. उर्वरक निर्यात को लेकर भी चीन ने अपने निर्यातकों को हतोत्साहित किया, जिसका सबसे अधिक प्रभाव भारत पर पड़ा.

इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर और वांग यी के बीच हुई बैठक में चीन ने भारत की तीन प्रमुख आर्थिक मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया. इसमें शामिल हैं: उर्वरक आपूर्ति में आ रही बाधाओं को समाप्त करना, रेयर अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति को बहाल करना और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए आवश्यक टनल बोरिंग मशीन का आयात शुरू करना. बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता, सैन्य तनाव कम करने, और आपसी भरोसे को बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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