World Bicycle Day: रांची ने की फिटनेस वाली राइड, 50 साइकिलिस्टों ने की 35 किलोमीटर की राइडिंग

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 03 Jun 2026 2:22 PM

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विश्व साइकिल दिवस पर रांची में साइकिल चलाते राइडर. फोटो: प्रभात खबर

World Bicycle Day: विश्व साइकिल दिवस पर रांची में 50 साइकिल चालकों ने 35 किलोमीटर की राइड कर फिटनेस, स्वच्छ पर्यावरण और साइकिल-अनुकूल शहर का संदेश दिया. साइकिल मेयर कनिष्क पोद्दार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को साइकिलिंग अपनाने, प्रदूषण घटाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से राज कौशिक की रिपोर्ट

World Bicycle Day: विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बुधवार की सुबह रांची के लगभग 50 साइकिल चालकों ने 35 किलोमीटर लंबी राइड कर स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और साइकिल-अनुकूल शहर निर्माण का संदेश दिया. यह राइड साइकिल मेयर ऑफ रांची कनिष्क पोद्दार के नेतृत्व में आयोजित हुई. सुबह 5:45 बजे प्रेमसंस मोटर्स, कांके रोड से शुरू हुई यह राइड पिठोरिया चौक तक गई. वापस उसी मार्ग से रांची लौटी.

पिठोरिया में प्रतिभागियों ने लगभग 15 मिनट का विश्राम कर जलपान एवं हाइड्रेशन किया. कुल 35.44 किलोमीटर की इस राइड में विभिन्न आयु वर्ग के साइकिल चालकों ने भाग लिया. राइड के दौरान प्रतिभागियों ने तख्तियों पर आई राइड फॉर हेल्थ, आई राइड फॉर हैप्पीनेस, आई राइड फॉर फ्रीडम, आई राइड फॉर क्लीन एयर, आई राइड फॉर बेटर स्ट्रेस, आई राइड फॉर रांची लिखते हुए लोगों को संदेश दिया कि साइकिलिंग केवल खेल या शौक नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण और खुशहाल जीवन का प्रभावी माध्यम है.

जीवन को सरल बनाने का माध्यम है साइकिल

साइकिल मेयर ऑफ रांची कनिष्क पोद्दार ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस समाज को सकारात्मक बदलाव की ओर प्रेरित करने का अवसर है. साइकिल हमारे जीवन को बेहतर बनाने का एक सरल और प्रभावी माध्यम है. यदि लोग छोटी दूरी की यात्राओं, दैनिक कार्यों और कार्यालय आने-जाने के लिए सप्ताह में कुछ दिन भी साइकिल का उपयोग करें, तो इससे स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहर की यातायात व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि परिवर्तन की शुरुआत घर से होती है. ऐसे में प्रत्येक साइकिल चालक को अपने परिवार, मित्रों और सहकर्मियों को साइकिलिंग के लिए प्रेरित करना चाहिए.

प्रदूषण को दूर करती है साइकिल

राइड में शामिल रोटरी इमेज चेयरमैन प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि साइकिलिंग केवल फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है. उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी की यात्राओं के लिए नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करें, तो इससे प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों में कमी आएगी. आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वस्थ शहर मिल सकेंगे. इस राइड में डॉ दानिश हलीम, प्रवीण राजगढ़िया, गौतम कुमार, सैकत चौधरी, चंद्रशेखर किंगर, अंकुर चौधरी सहित शहर के अनेक प्रमुख साइकिल चालक और फिटनेस प्रेमी शामिल थे.

तीन लोगों को साइकिल से जोड़ने का संकल्प

राइड में शामिल प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि अगले छह महीनों में प्रत्येक व्यक्ति कम से कम तीन नए लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करेगा. साथ ही, लोगों को सड़क पर साइकिल चालकों का सम्मान करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक हॉर्न नहीं बजाने के प्रति भी जागरूक करने लिए अभियान शुरू किया जाएगा. प्रतिभागियों ने कहा कि सड़कें केवल मोटर वाहनों के लिए ही नहीं होती है, बल्कि साइकिल चालक भी सड़क के समान उपयोग का अधिकार रखते हैं. ऐसे में उन्हें भी सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए.

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साइकिल-अनुकूल ढांचे का हो विकास

साइकिल चालकों ने राज्य सरकार और नगर निगम से रांची में साइकिल-अनुकूल बुनियादी ढांचे के विकास की मांग की. कहा कि शहर में साइकिल पार्किंग, सुरक्षित साइकिल लेन और जन-जागरूकता अभियान शुरू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक लोग छोटी दूरी की यात्राओं के लिए साइकिल अपना सकें. साइकिल चालकों का मानना है कि इससे ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन की खपत में कमी आएगी. शहर अधिक स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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