कोचिंग सेंटर बवाल मामले में गुरु रहमान की एंट्री, किए कई चौंकाने वाले दावे, बताई विवाद की असली वजह
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 03 Jun 2026 3:49 PM
खान सर
Khan Sir Coaching Attack: पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और तोड़फोड़ के बाद अब कोचिंग संस्थानों के बीच कंपटीशन को लेकर नए दावे सामने आए हैं. कोचिंग शिक्षक गुरु रहमान ने पूरे विवाद को छात्रों की खरीद-फरोख्त और रिजल्ट की होड़ से जोड़ते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
Khan Sir Coaching Attack: पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के बाद कोचिंग जगत की आपसी दुश्मनी सामने आ गई है. कोचिंग शिक्षक गुरु रहमान ने दावा किया है कि बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद खान सर और ज्ञान बिंदु के रौशन सर के बीच सफल छात्रों को अपने पाले में करने के लिए जमकर खरीद-फरोख्त हुई.
गुरु रहमान ने बताया कि खान सर ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ज्ञान बिंदु एकेडमी के सफल अभ्यर्थियों को पैसे या किसी अन्य लालच के दम पर अपने पक्ष में कर लिया था. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ी और मारपीट हुई. उन्होंने कहा कि मामले को बड़ा दिखाने के लिए खान सर ने शुरुआत में फायरिंग होने की झूठी कहानी गढ़ी, जबकि मौके पर कोई भी गोली नहीं चली थी.
ज्यादा रिजल्ट का दावा करने पर फंसे, गुरु रहमान ने उठाए गंभीर सवाल
गुरु रहमान ने कहा कि खान सर अक्सर इस तरह से छात्रों की खरीद-फरोख्त के खेल में शामिल रहते हैं. बिहार पुलिस में सिपाही के कुल 19 हजार 838 पदों पर ही बहाली निकाली गई थी, लेकिन खान सर ने अकेले अपने कोचिंग से 22 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के पास होने का दावा कर दिया. जब खान सर इस दावे पर घिर गए, तो अपनी साख बचाने के लिए उन्होंने कोचिंग पर गोली चलवाने की मनगढ़ंत बात फैला दी.
कोचिंग सेंटर पर मारपीट और झड़प की बात सच है, लेकिन वहां कोई गोली नहीं चलाई गई थी. अगर कोचिंग संचालकों के बीच इसी तरह से मनमानी चलती रही और छात्रों की खरीद-बिक्री होती रही, तो आने वाली युवा पीढ़ी का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में डूब जाएगा.
फायरिंग के दावे से पीछे हटे खान सर
मंगलवार की देर रात पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की थी और पत्थर बरसाए थे. इस हमले में कोचिंग सेंटर की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड को भी उपद्रवियों ने लाठी-डंडों से पीटा था. घटना के तुरंत बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के लोगों पर हमले की साजिश रचने का आरोप मढ़ दिया था.
खान सर ने कैमरे पर दावा किया था कि उन्होंने खुद अपनी आंखों से मौके पर 8 से 10 राउंड गोलियां चलते हुए देखी हैं. जांच शुरू होते ही खान सर खुद फायरिंग की बात से पूरी तरह पीछे हटने लगे. पटना पुलिस ने भी शुरुआती जांच के बाद साफ कर दिया था कि मौके पर किसी भी तरह की फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है.
ज्ञान बिंदु कोचिंग के रौशन सर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पटना पुलिस के अनुसार कोचिंग पर हमले की यह वारदात मंगलवार रात करीब 10 बजे के आसपास हुई. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें करीब 15 से 20 लोग कोचिंग की बिल्डिंग पर पथराव और तोड़फोड़ करते हुए दिखाई दिए. खान सर के कोचिंग सेंटर के मैनेजर कन्हैया सिंह ने इस घटना को लेकर कदमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज कराई.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के मुख्य डायरेक्टर रौशन आनंद उर्फ रौशन सर को फौरन गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने रौशन सर के साथ इस साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों अभिषेक और गौरव को भी धर दबोचा है. इन तीनों ही आरोपियों को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है.
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मेरे खिलाफ रची जा रही है बड़ी साजिश: रौशन आनंद
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद ने खुद को बेकसूर बताया है. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के बेहतरीन रिजल्ट की वजह से उनके प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश रच रहे हैं. बाजार में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर ज्ञान बिंदु एकेडमी को पूरी तरह से बर्बाद करने का खेल खेला जा रहा है.
रौशन सर ने कहा कि जब मौके पर कोई गोली चली ही नहीं, तो जानबूझकर बात को बड़ा बनाने के लिए फायरिंग का झूठा नाम घसीटा जा रहा है. उन्हें और उनकी संस्था को जानबूझकर इस विवाद में घसीटकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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