अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा

अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को तोड़ने पर हाईकोर्ट ने रविवार को की विशेष सुनवाई.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को तोड़े जाने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने जुलाई के अंत तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. यह फैसला 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी की याचिका पर सुना गया. जानें पूरा मामला और हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या कहा.
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय को तोड़े जाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने रोक लगा दी है. रविवार (19 जुलाई) को इस मामले में एक विशेष सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर जुलाई के अंत तक यथास्थिति (Status Quo) बनाये रखने का कोर्ट ने आदेश दिया है. जस्टिस राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने रविवार की छुट्टी के दिन विशेष अदालत लगाकर इस मामले को सुना और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह आमतला स्थित इस विवादित इमारत से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश करे.
‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आयी कि जिस इमारत पर बुलडोजर चलाया गया, उसका मालिकाना हक ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी के पास है. इसी कंपनी की ओर से जिला प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक दावों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी इसी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं.
विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ में होगी : हाईकोर्ट
विशेष सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि जुलाई के अंत तक इस परिसर में कोई भी तोड़फोड़ या बदलाव नहीं किया जायेगा और अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ (Regular Bench) के समक्ष दोबारा की जायेगी.
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प्रशासन और अभिषेक बनर्जी के दावों में विरोधाभास
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित कार्यालय को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी. जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह इमारत कथित तौर पर बिना किसी स्वीकृत भवन योजना (Approved Building Plan) के और नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करके बनायी गयी थी. इसलिए यह एक्शन लिया गया.
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अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन के दावों पर किया पलटवार
डायमंड हार्बर के सांसद और अभिषेक बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया था कि यह उनका आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय है. उन्होंने कहा कि इस दफ्तर का निर्माण पूरी तरह से खरीदी गयी वैध जमीन पर कानून के दायरे में रहकर किया गया था और इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां ली गयीं थीं. हाईकोर्ट के इस स्थगन आदेश के बाद अब इस पूरे राजनीतिक व कानूनी विवाद पर जुलाई के अंत में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान ही स्थिति और स्पष्ट होगी.
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By मिथिलेश झा
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