बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी सरकार बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे

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तृणमूल कांग्रेस का आमतला स्थित कार्यालय. इनसेट में अभिषेक बनर्जी.

तृणमूल कांग्रेस का आमतला स्थित कार्यालय. इनसेट में अभिषेक बनर्जी.

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय पर हुए बुलडोजर एक्शन ने डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी को गुस्सा दिला दिया है. उन्होंने BJP सरकार पर पुलिस का दुरुपयोग करने और 'वर्दी में चोरी' करने का गंभीर आरोप लगाया है. TMC इस मामले को कोर्ट में ले जाने की तैयारी में है.

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West Bengal Bulldozer Action: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय पर बुलडोजर एक्शन से डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी बौखला गये हैं. शनिवार को हुए इस एक्शन पर रविवार को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने प्रतिक्रिया दी. कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के अधीन काम कर रही बंगाल पुलिस अब ‘कानून तोड़ने वाली’ एजेंसी बन गयी है. उन्होंने इस पूरी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, ‘वर्दी में चोरी’ है.

स्वीकृत योजना के उल्लंघन का आरोप, प्रशासन ने दी सफाई

शनिवार को जिला प्रशासन ने आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के सामने वाले हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया था. अधिकारियों का दावा है कि इस भवन के हिस्से का निर्माण बिना किसी स्वीकृत भवन योजना के और नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करके किया गया था. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए की गयी है. इसके पीछे कोई भी राजनीतिक प्रतिशोध या मंशा नहीं थी.

अभिषेक का गंभीर आरोप- लैपटॉप और दस्तावेज ले गयी पुलिस

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से 3 बार के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा- यह कोई वैध ध्वस्तीकरण नहीं था. वर्दी पहनकर की गयी चोरी थी. वीडियो में साफ दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान भाजपा के गुंडों के साथ मिलकर कार्यालय के भीतर रखे लैपटॉप, प्रिंटर, महत्वपूर्ण दस्तावेज, मेज, कुर्सियां और सामान से भरे बक्से उठाकर ले जा रहे हैं. यह सब तब किया गया, जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है.

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कानून के रक्षक ही उड़ा रहे कानून की धज्जियां : बनर्जी

अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय पहले ही बुलडोजर से की जाने वाली इस तरह की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को असंवैधानिक ठहरा चुके हैं. ऐसे में जिन पर कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, वही आज कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

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कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी टीएमसी

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जिस कार्यालय को तोड़ा गया है, उसका निर्माण खरीदी गयी वैध जमीन पर सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद हुआ था. उन्होंने इस कार्रवाई को सत्तारूढ़ भाजपा और प्रशासन की मिलीभगत बताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करेगी. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बदली, तो फिर भाजपा के कार्यालयों के साथ भी यही हश्र हो सकता है.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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