ममता बनर्जी के 40 साल पुराने साथी तपन दासगुप्त ने भी छोड़ी टीएमसी, बोले- राजनीति जब व्यापार बन जाये तो यही हश्र होता है

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तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी.

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. ममता बनर्जी के बेहद करीबी और संस्थापक सदस्यों में से एक तपन दासगुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की बजाय भाजपा में शामिल होने के संकेत दिये हैं. तपन ने ममता बनर्जी को खूब खरी-खोटी सुनायी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक और साथी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संस्थापक सदस्यों में से एक और ममता बनर्जी सरकार के पूर्व मंत्री तपन दासगुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. ममता बनर्जी के साथ उनका करीब 40 साल पुराना राजनीतिक रिश्ता था, जो अब पूरी तरह टूट चुका है. चर्चा है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं.

टिकट न मिलने और आंतरिक गुटबाजी से थे नाराज

माना जा रहा है कि तपन दासगुप्ता लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे. इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया. विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था. इससे वे आहत थे, लेकिन सार्वजनिक रूप से तब कोई बयान नहीं दिया.

टीएमसी ने असित मजूमदार को सौंपी हुगली की कमान

हुगली जिले की राजनीति में उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी असित मजूमदार को जब हुगली-श्रीरामपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष बनाया गया, तो तपन दासगुप्ता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया.

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जब राजनीति व्यापार बन जाये, तो यही होता है : तपन

TMC छोड़ने के बाद तपन दासगुप्ता ने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और पार्टी की कार्यप्रणाली की जमकर आलोचना की. उन्होंने कहा- मैं तृणमूल कांग्रेस के गठन के पहले दिन से ममता बनर्जी के साथ था. जब पार्टी बनी, तब शुरुआत के जो 5 प्रमुख लोग थे, मैं उनमें से एक था. इतने वर्षों तक पूरी निष्ठा से जिम्मेदारी संभालने के बाद आज मुझे किनारे कर दिया गया. आज हुगली में धनेखाली और चंडीतला को छोड़कर टीएमसी का वजूद कहां बचा है? तृणमूल बिखर चुकी है और जनता का विश्वास खो चुकी है. जब राजनीति व्यापार में बदल जाती है, तब किसी भी राजनीतिक दल का यही हश्र होता है.

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राजनीति से संन्यास नहीं, बीजेपी में शामिल होने के संकेत

तपन दासगुप्ता ने साफ कर दिया है कि वे तृणमूल कांग्रेस जरूर छोड़ रहे हैं, लेकिन राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे. वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के संकेत भी दिये हैं. ऐसा माना जा रहा है कि हुगली जिले में तपन दासगुप्ता का भाजपा में जाना टीएमसी के बचे-खुचे संगठन के लिए किसी आघात से कम नहीं होगा.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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