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पश्चिम बंगाल में लगेगा लॉकडाउन ? कोरोना 'ब्लास्ट' के बाद बढ़ गई सीएम ममता बनर्जी की टेंशन

Updated at : 02 Jan 2022 8:48 AM (IST)
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पश्चिम बंगाल में लगेगा लॉकडाउन ? कोरोना 'ब्लास्ट' के बाद बढ़ गई सीएम ममता बनर्जी की टेंशन

Omicron/Coronavirus Case in West Bengal : पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और शनिवार को संक्रमण के 4,512 मामले सामने आए.

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पश्चिम बंगाल में क्या एक और लॉकडाउन लगाने की जरूरत होगी. दरअसल इस तरह के सवाल कोरोना के ताजा मामलों को देखते हुए उठ रहे हैं. प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और शनिवार को संक्रमण के 4,512 मामले सामने आए, जो पिछले दिन की तुलना में 1,061 मामले अधिक हैं.

वहीं, राजधानी कोलकाता में 2,398 कोरोना संक्रमण के नये मामले सामने आए हैं. पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को 3,451 मामले सामने आए थे, जिनमें कोलकाता से 1,954 मामले थे. महामारी से मरने वाले और नौ लोगों में कोलकाता एवं उत्तर 24 परगना से दो-दो लोग हैं. राज्य में संक्रमण की दर पिछले दिन के 8.46 प्रतिशत से बढ़ कर 12.02 प्रतिशत हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग की एक बुलेटिन के मुताबिक कोलकाता के बाद उत्तर 24 परगना से सर्वाधिक मामले सामने आए हैं और यह संख्या 688 है, जो पिछले दिन के 496 से अधिक है.

पश्चिम बंगाल में ओमिक्रॉन का डर

पश्चिम बंगाल में कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन के दो और मामले सामने आये हैं जिसके बाद राज्य में इसके कुल मामलों की संख्या 16 हो गई है. स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि एक संक्रमित ओडिशा से आया है जबकि एक अन्य व्यक्ति प्रदेश के उत्तर 24 परगना जिले के पेट्रापोल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया था. अधिकारी ने कहा कि दोनों संक्रमितों का कोलकाता में इलाज चल रहा है. इन दोंनों मामलों के साथ ही राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमित लोगों की कुल संख्या 16 हो गयी है.

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कलकत्ता उच्च न्यायालय में ऑनलाइन माध्यम से कामकाज

कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका और कोरोना वायरस मामलों की संख्या में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय में तीन जनवरी से ऑनलाइन तरीके से कामकाज होगा. मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव ने शनिवार को यह आदेश दिया.

उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा अधिसूचित प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि मामलों की सुनवाई के ‘हाइब्रिड’ तरीके की अनुमति केवल जमानत मामलों के संबंध में दी जाएगी, जहां सरकारी अभियोजकों को केस डायरी और अन्य मामलों में जिनमें सरकार और अन्य अधिवक्ताओं को अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत करना या निविदा देनी है, भौतिक रूप से उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी.

भाषा इनपुट के साथ

Posted By : Amitabh Kumar

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