Silli Vidhan Sabha Result 2024 : सुदेश महतो पीछे जेएमएम के अमित महतो ने बढ़त बनाई
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 23 Nov 2024 10:44 AM
Silli Vidhan Sabha Result 2024
Silli Chunav Result 2024 : झारखंड अलग राज्य बनने के बाद अब तक हुए 4 विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक 2 बार आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो यहां से चुनाव जीते हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस को एक-एक बार सिल्ली विधानसभा सीट पर जीत मिली है.
Silli Assembly Election Result 2024 : रांची के सिल्ली विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है. आजसू के सुदेश महतो यहां से विधायक है. वे यहां से तीन बार 2005, 2009 और 2019 में विधायक रहे हैं. 2014 के चुनाव में यहां से जेएमएम के नेता अमित महतो चुनाव जीते थे. अमित महतो एक बार फिर सुदेश महतो के सामने हैं, लेकिन जेएलकेएम के उम्मीदवार देवेंद्रनाथ महतो मुकाबले को रोचक बना रहे हैं.
झारखंड अलग राज्य बनने के बाद अब तक हुए 4 विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक 2 बार आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो यहां से चुनाव जीते हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस को एक-एक बार सिल्ली विधानसभा सीट पर जीत मिली है.
2024 के चुनाव में प्रमुख प्रत्याशी
| 1 | Ajit Kumar | अजीत कुमार | Bahujan Samaj Party |
| 2 | Amit Kumar | अमित कुमार | Jharkhand Mukti Morcha |
| 3 | Sudesh Kumar Mahto | सुदेश कुमार महतो | AJSU Party |
| 4 | Anil Kumar Mahto | अनिल कुमार महतो | Peoples Party of India (Democratic) |
| 5 | Anil Singh Munda | अनिल सिंह मुंडा | Bharat Adivasi Party |
| 6 | Devendra Nath Mahto | देवेंद्र नाथ महतो | Jharkhand Loktantrik Krantikari Morcha |
| 7 | Rabindra Lal Yadav | रविंद्र लाल यादव | Jharkhand Party |
| 8 | Rameshwar Mahto | रामेश्वर महतो | Jharkhand Mukti Morcha (Ulgulan) |
| 9 | Dr. Amit Kumar | डाॅ अमित कुमार | Independent |
| 10 | Dhanpati Mahto | धनपति महतो | Independent |
| 11 | Pankaj Mahto | पंकज महतो | Independent |
| 12 | Manoranjan Bhattacharya | मनोरंजन भट्टाचार्य | Independent |
| 13 | Rajeshwar Mahto | राजेश्वर महतो | Independent |
| 14 | Vikas Singh Munda | विकास सिंह मुंडा | Independent |
| 15 | Hemanti Devi | हेमंती देवी | Independent |
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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