Corona Effect : स्थिति भयावह, घर से बाहर न निकलें : ममता बनर्जी

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee covers her mouth with a piece of cloth during a press conference on coronavirus, at Nabanna (State Secretariat) in Kolkata, Friday, March 20, 2020. (PTI Photo)(PTI20-03-2020_000271B)

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि राज्य में लॉकडाउन जिसकी अवधि 27 मार्च रात 12 बजे तक थी, अब उसे 31 मार्च तक बढ़ा दी गयी है. लॉकडाउन अब पूरे राज्य में लागू होगा.

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कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि राज्य में लॉकडाउन जिसकी अवधि 27 मार्च रात 12 बजे तक थी, अब उसे 31 मार्च तक बढ़ा दी गयी है. लॉकडाउन अब पूरे राज्य में लागू होगा. राज्य सचिवालय, नबान्न में इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति की भयावहता को देखते हुए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

उन्होंने बताया कि अब कोरोना वायरस महज चार दिनों में एक लाख लोगों तक पहुंचने की क्षमता रखता है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से पहले ही 8.85 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा था. अब सरकार की ओर से ‘प्रचेष्टा’ नामक योजना शुरू की गयी है. इसके तहत ऐसे लोग जिनकी आय मौजूदा स्थिति में बंद हो गयी है,उन्हें सरकार एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी. विशेषकर असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों को मौजूदा स्थिति में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

इसके लिए 15 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच आवेदन किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपील की है कि बाजार में खरीदारी करने जानेवाले लोग भीड़ न लगायें और एक दूसरे से हट कर खड़े हों, ताकि दूसरों के साथ उनका स्पर्श न हो. उन्होंने यह भी अपील की कि रास्ते में निकल कर क्रिकेट आदि न खेलें. घर में भी परिजनों से सुरक्षित दूरी बनानी चाहिए. इससे संक्रमण का खतरा कम होता है. समाचार पत्र संस्थानों से उन्होंने अपील की कि हॉकरों को वह अखबार, वाहनों में रख कर दें.

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर एफआरबीएम सीमा को पांच फीसदी तक बढ़ाये जाने की मांग की है. गौरतलब है कि फिस्कल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट एक्ट के तहत राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखा जाता है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना के मद्देनजर चौतरफा मंदी है. जीएसटी कलेक्शन भी निःसंदेह घटेगा. ऐसे में एफआरबीएम को तीन फीसदी से बढ़ा कर पांच फीसदी किया जाये. मुख्यमंत्री का कहना था कि कई राज्यों ने पेट्रोल-डीजल में सेस बढ़ाया है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

27 के बाद अब 31 मार्च तक बंगाल में लॉकडाउन

आर्थिक रूप से जरूरतमंदों को एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता

प्रधानमंत्री से एफआरबीएम को तीन फीसदी से बढ़ा कर पांच करने की मांग

पड़ोसी देशों के साथ लगने वाली सीमा सील

कोलकाता. कोरोना के मद्देनजर केंद्र सरकार के निर्देश पर मंगलवार सुबह से बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की सीमा को सील कर दिया गया है. इमिग्रेशन चेक पोस्ट को तत्काल बंद कर दिया गया है. लॉकडाउन के दौरान वाणिज्यिक परिवहन सीमा से जारी है. राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा की है.

बोलीं ममता : अखबार भी तो पढ़ना ही होगा

कोलकाता : कई एजेंसियां लगातार कह रही हैं कि अखबारों से कोरोना वायरस का कुछ लेना-देना नहीं है. अखबारों के जरिये कोरोना वायरस नहीं फैलता और यह कि अखबार सुरक्षित हैं. उधर, कोरोना के चलते पैदा हुई परिस्थिति से निबटने के लिए लोगों को तरह-तरह के सुझाव देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में तरह-तरह की सूचनाएं व जानकारियां एकत्र करने के लिए आदमी को अखबार भी पढ़ना ही पड़ता है. वैसे, इस सिलसिले में बात करते हुए उन्होंने तरह-तरह की सलाह भी दी. उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करनेवाले कई गैर जिम्मेदार यूजर्स तरह-तरह की अफवाहें भी फैला रहे हैं, जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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