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संपूर्णानंद संस्कृत विवि का दीक्षांत समारोह, 15,520 छात्रों को मिली उपाधि, मालिनी अवस्थी का भी सम्मान

Updated at : 03 Jan 2022 7:55 PM (IST)
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संपूर्णानंद संस्कृत विवि का दीक्षांत समारोह, 15,520 छात्रों को मिली उपाधि, मालिनी अवस्थी का भी सम्मान

संस्कृत भाषा की परंपरा का पालन करके दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में 37 मेधावियों को 63 पदक वितरित किए गए. कुल 15,520 विद्यार्थियों को शास्त्रीय आचार्य और अन्य पाठ्यक्रम की उपाधि दी गई.

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Varanasi News: वाराणसी के डॉक्टर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सोमवार को 39वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ. कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दीक्षांत समारोह को 200 लोगों की मौजूदगी में संपन्न किया गया. संस्कृत भाषा की परंपरा का पालन करके दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में 37 मेधावियों को 63 पदक वितरित किए गए. कुल 15,520 विद्यार्थियों को शास्त्रीय आचार्य और अन्य पाठ्यक्रम की उपाधि दी गई. संस्कृत विश्वविद्यालय की तरफ से पद्मश्री मालिनी अवस्थी को डॉक्टरेट (वाचस्पति) की मानद उपाधि दी गई.

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेडल प्रदान किए. इस दौरान उन्होंने शिक्षा के महत्व को बताते हुए सभी को पढ़ने और आगे बढ़ने की नसीहत दी. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने धर्म नगरी काशी से संस्कृत के प्रचार-प्रसार को और आगे बढ़ाने पर बल दिया. उनका साफ तौर पर कहना था कि आज संस्कृत के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्य और वाराणसी के विकास की एक नई रूपरेखा दिखाई दे रही है.

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि यही वजह है कि हमारी जिम्मेदारी बढ़ी है. अपनी परंपरा और संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए काशी का मान बढ़ाएं और यहां से निकलने के बाद सभी को संस्कृत के महत्व से अवगत कराएं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से दाराशिकोह काशी में रहकर संस्कृत का अध्ययन करते थे, वैसे ही बहुत से मुस्लिम समुदाय के छात्र-छात्राएं काशी में संस्कृत का अध्ययन कर रहे हैं.

मालिनी अवस्थी ने डॉक्टरेट की उपाधि पाने के बाद विश्वविद्यालय समेत राज्यपाल को धन्यवाद दिया. अपने ही अंदाज में लोक गायन के साथ भाषण में छात्रों को संबोधित किया. समारोह में 37 मेधावियों को 63 पदक वितरित किए गए. कुल 15,520 विद्यार्थियों को शास्त्रीय आचार्य और अन्य पाठ्यक्रम की उपाधि वितरित की गई. परंपरा के अनुरूप सनातन धर्म में धोती-कुर्ता और गाउन में सभी विद्यार्थी नजर आए.

कार्यक्रम में सर्वाधिक 9 स्वर्ण पदक प्रतापगढ़ के रहने वाले रवि कुमार जयसवाल को आचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए दिए गए. आचार्य परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए सौरभ शुक्ला को 4 स्वर्ण पदक दिए गए. इसके अलावा सुदर्शन गौतम को 4 स्वर्ण पदक, चंद्रशेखर पांडेय को 3 स्वर्ण पदक, शिवम चतुर्वेदी को 3 स्वर्ण पदक समेत कुल 37 विद्यार्थियों को 63 पदक वितरित किए गए हैं.

(रिपोर्ट:- विपिन सिंह, वाराणसी)

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