लखनऊ हादसे के बाद धनबाद में शैक्षणिक संस्थानों पर शिकंजा, सुरक्षा जांच में तीन संस्थानों को नोटिस
धनबाद में एसडीएम के नेतृत्व में शैक्षिणक संस्थान की जांच करने जाते पुलिस के कर्मचारी. फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad News: लखनऊ हादसे के बाद धनबाद प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू की. एसडीएम लोकेश बारंगी के नेतृत्व में हुई जांच में सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर तीन संस्थानों को नोटिस जारी किया गया और 10 दिनों में सुधार का निर्देश दिया गया.
धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट
Dhanbad News: लखनऊ में एक शैक्षणिक संस्थान में हुए हादसे के बाद धनबाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है. उपायुक्त के निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर तीन संस्थानों को नोटिस जारी किया गया.
एसडीएम के नेतृत्व में चली जांच अभियान
धनबाद के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) लोकेश बारंगी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने सिटी सेंटर और सरायढेला इलाके में स्थित विभिन्न कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया. इस दौरान अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम भी मौजूद रही. टीम ने संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन निर्माण मानकों, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया.
कई जगह मिली सुरक्षा मानकों में कमी
निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में सुरक्षा संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं पाया गया. कई स्थानों पर आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों में कमी देखी गई. इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया. प्रशासन की ओर से संस्थानों को कमियों को दूर करने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
स्टडी अड्डा 24×7 और महिंद्रा इंस्टीट्यूट की भी हुई जांच
एसडीएम लोकेश बारंगी ने बताया कि जांच अभियान के दौरान सिटी सेंटर स्थित स्टडी अड्डा 24×7, महिंद्रा इंस्टीट्यूट समेत कई अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया. जिन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खामियां पाई गई हैं, उन्हें नियमों के अनुरूप सभी मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा.
चरणबद्ध तरीके से होगी सभी संस्थानों की जांच
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल कुछ संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा. जिले के सभी कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण किया जाएगा. इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम लगातार विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को समय रहते दूर किया जा सके.
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छात्रों की सुरक्षा को दी जा रही प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर होने वाली जांच से संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सकेगा. प्रशासन की इस कार्रवाई को छात्रों और अभिभावकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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