शिंदे गुट में शामिल हुए 6 सांसद: शिवसेना (UBT) नेताओं ने फिर खटखटाया लोकसभा अध्यक्ष का दरवाजा
उद्धव ठाकरे गुट के लोकसभा सांसद, फोटो एक्स
Uddhav vs Shinde: उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों के पाला बदलने से महाराष्ट्र की सियासत में आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस संकट के बीच शिवसेना (UBT) ने अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज कर दी है. इसी सिलसिले में बुधवार को उद्धव गुट के सांसदों ने एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और बागी सांसदों के दलबदल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया.
Uddhav vs Shinde: शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने लोकसभा स्पीकर से मिलकर उन्हें एक नया पत्र सौंपा. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बागी सांसदों के मामले में कोई भी एकतरफा फैसला न लिया जाए.
बिना हमारा पक्ष सुने न लें कोई फैसला : अरविंद सावंत
आप सभी जानते हैं कि उद्धव ठाकरे जी के नेतृत्व वाली पार्टी के हमारे छह सांसदों ने पाला बदलकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है. पिछले हफ्ते भी अनिल देसाई और मैंने स्पीकर साहब से मुलाकात कर इस संबंध में एक अनुरोध पत्र सौंपा था. हमने उनसे साफ कहा था कि यदि कोई सांसद व्यक्तिगत रूप से या समूह में आकर पार्टी छोड़ने का दावा करता है, तो संविधान की रक्षा करना स्पीकर का कर्तव्य है और हमें उनसे यही उम्मीद है. अरविंद सावंत ने आगे बताया कि हालिया घटनाक्रम को देखते हुए उन्होंने स्पीकर को एक और पत्र भेजा है. उन्होंने कहा, हमने लोकसभा अध्यक्ष से विशेष अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले में कोई भी कदम उठाने या फैसला लेने से पहले हमारा पक्ष अनिवार्य रूप से सुना जाए. हमारी बात सुने बिना कोई भी निर्णय न लिया जाए. इसी सिलसिले में आज उन्होंने हमें मिलने का समय दिया था. जब हमने उनसे पूछा कि क्या बागी गुट की तरफ से उन्हें कोई पत्र मिला है, तो स्पीकर ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है.
शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 लोकसभा सांसद शिंदे गुट में हो गए शामिल
शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सदस्यों में से 6 महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं. सावंत, देसाई और राजाभाऊ वाजे अब भी शिवसेना (UBT) के साथ बने हुए हैं. पार्टी छोड़ चुके सांसदों में नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं.
फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना
फरवरी 2023 में निर्वाचन आयोग ने शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी. शिंदे ही 2022 में अविभाजित शिवसेना में हुए विभाजन के मुख्य सूत्रधार थे, जिसके कारण महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी सरकार गिर गई थी.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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