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डोनाल्ड ट्रंप ने Anthropic के Claude पर क्यों लगाया बैन? जानिए पूरा मामला

Updated at : 28 Feb 2026 2:41 PM (IST)
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बाईं ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दाईं ओर एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई

अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के टूल्स के सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. यह फैसला कंपनी और सेना के बीच चल रहे टकराव के बाद सामने आया. आइए जानते हैं पूरा मामला.

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के लिए डोनाल्ड ट्रंप का कदम बिल्कुल अचानक आया. शुक्रवार को ट्रंप ने Truth Social पर एक ही पोस्ट में सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दे दिया कि वे Anthropic के AI टूल्स, खासकर उसके AI असिस्टेंट Claude, का इस्तेमाल बंद कर दें. मामला यहीं नहीं रुका. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने तो कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया. दरअसल, पूरे विवाद की जड़ Anthropic का यह साफ इनकार है कि वह अपनी तकनीक को सैन्य इस्तेमाल के लिए बिना किसी रोक-टोक के उपलब्ध नहीं कराएगी. आइए आपको पूरा मामला विस्तार से बताते हैं.

 क्या है Anthropic?

आपने OpenAI का ChatGPT तो सुना ही होगा. उसी तरह Anthropic भी एक अमेरिकी AI कंपनी है, जो अपना AI असिस्टेंट Claude बनाती है. Anthropic खुद को सिर्फ AI कंपनी नहीं, बल्कि एआई सेफ्टी और रिसर्च पर फोकस करने वाली कंपनी बताती है. यानी कंपनी का दावा है कि वह AI को सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने पर ज्यादा जोर देती है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 के बाद से Claude का इस्तेमाल अमेरिका में संवेदनशील सैन्य प्लानिंग और ऑपरेशन्स में भी होने लगा. इसकी मदद से सुरक्षा और खुफिया अधिकारी भारी मात्रा में क्लासिफाइड डेटा को जल्दी समझ और जोड़ पाते हैं. यहां तक कहा गया कि जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को पकड़ने वाले ऑपरेशन में भी इस AI टूल का इस्तेमाल हुआ था. हालांकि इसकी सटीक भूमिका साफ नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों बैन किया Anthropic?

जैसा कि हमने पहले बताया था कि Anthropic बाकी AI कंपनियों से थोड़ा अलग है क्योंकि उसका फोकस हमेशा सेफ्टी पर रहा है. कंपनी के सीईओ डारियो अमोडेई शुरू से ही इस बात के खिलाफ रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन AI टूल का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की जासूसी के लिए करे या ऐसे किलर रोबोट बनाए जो बिना इंसानी कंट्रोल के लोगों को निशाना बना सकें.

लेकिन ट्रंप प्रशासन चाहता है कि Anthropic अपने ये सेफ्टी गार्डरेल्स हटा दे और Claude की क्षमताओं तक उसे बिना किसी रोक-टोक के पूरा एक्सेस मिल जाए. प्रशासन का कहना है कि इससे देश की कानूनी तरीके से सुरक्षा करने में मदद मिलेगी.

सीधे शब्दों में कहें तो ट्रंप AI के इस्तेमाल पर किसी तरह की पाबंदी नहीं चाहते, खासकर बैटलफील्ड में. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब आने वाले दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है. हालांकि Anthropic ने इस मांग का विरोध किया है. कंपनी अब अमेरिका की अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है और ट्रंप के इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रही है.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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