1 अप्रैल से बदल जाएंगे CCTV के नियम, Hikvision, TP-Link जैसे चीनी ब्रांड्स पर लग सकती है रोक

चीनी झंडे की बैकग्राउंड में लगे CCTV निगरानी कैमरे (Photo: Canva)
New CCTV Rules: 1 अप्रैल से CCTV को लेकर नियम सख्त होने वाले हैं. इससे Hikvision, Dahua और TP-Link जैसे चीनी ब्रांड्स मुश्किल में पड़ सकते हैं. सरकार अब सिक्योरिटी और डेटा सेफ्टी पर फोकस कर रही है. इसका फायदा देसी कंपनियों को मिल रहा है, जो तेजी से मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं.
New CCTV Rules: भारत सरकार जल्द ही चीनी वीडियो सर्विलांस कंपनियों जैसे Hikvision, Dahua और TP-Link पर सख्ती करने की तैयारी में है. ET की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 अप्रैल से इन कंपनियों के इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरे और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लग सकती है. दरअसल, अगले महीने से STQC (Standardisation Testing and Quality Certification) के नए नियम लागू होने जा रहे हैं. इन नियमों के तहत अब किसी भी CCTV प्रोडक्ट को भारत में बेचने से पहले सरकारी सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य होगा.
CCTV से खतरा कैसे बढ़ रहा है?
आज के समय में ज्यादातर CCTV कैमरे इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं. मतलब ये सिर्फ आपके मोबाइल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कंपनी के सर्वर से भी लगातार कनेक्ट रहते हैं. अगर इन कैमरों का सॉफ्टवेयर या सर्वर पूरी तरह से न हो, तो आपकी प्राइवेट वीडियो फीड चुपचाप किसी तीसरे व्यक्ति तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि स्मार्ट CCTV जहां एक तरफ सेफ्टी देते हैं, वहीं थोड़ी सी लापरवाही उन्हें बड़ा खतरा भी बना सकती है.
चीनी ब्रांड्स की बढ़ेंगी दिक्ततें
रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा सख्त हो रही है. यही वजह है कि इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स को सर्टिफिकेशन देने में दिक्कत आ रही है. इतना ही नहीं, जिन डिवाइस में चीनी चिपसेट इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें भी मंजूरी मिलने में परेशानी हो सकती है. इस बैन का असर चीनी ब्रांड्स पर काफी भारी पड़ने वाला है. ऐसा इसलिए है क्योंकि एक समय ऐसा था जब वे इस सेक्टर में पूरी तरह हावी थे. हाल ही में पिछले साल तक, देश में होने वाली कुल CCTV बिक्री का करीब एक-तिहाई हिस्सा इन्हीं ब्रांड्स के पास था.
देसी ब्रांड्स का बढ़ रहा दबदबा
अब भारत के CCTV और सिक्योरिटी मार्केट में एक बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है. पहले जहां विदेशी कंपनियों का दबदबा था, वहीं अब CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Sparsh जैसे देसी ब्रांड तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इन कंपनियों ने सिर्फ अपने प्रोडक्ट नहीं बढ़ाए, बल्कि पूरी सप्लाई चेन को भी बदल दिया है. अब ये ब्रांड्स चीनी पार्ट्स पर डिपेंड रहने के बजाय ताइवान के चिपसेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने सॉफ्टवेयर (firmware) को भी लोकलाइज कर चुके हैं.
यही वजह है कि बाजार में इनकी पकड़ काफी मजबूत हो गई है. Counterpoint Research के मुताबिक, फरवरी तक भारतीय कंपनियां अब 80% से ज्यादा मार्केट पर कब्जा कर चुकी हैं. हालांकि, अगर प्रीमियम सेगमेंट की बात करें, तो वहां अभी भी Bosch और Honeywell जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों का दबदबा बना हुआ है.
क्या हैं नए नियम?
सरकार ने अब CCTV से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए हैं. ये बदलाव Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) की तरफ से अप्रैल 2024 में लाए गए Essential Requirements (ER) norms के तहत किए गए हैं. इसके तहत अब कंपनियों को ये बताना होगा कि कैमरे में इस्तेमाल होने वाले जरूरी पार्ट्स जैसे System-on-Chip (SoC) किस देश से आते हैं. साथ ही, हर डिवाइस की अच्छे से टेस्टिंग भी जरूरी होगी, ताकि कोई भी अनजान व्यक्ति उसे रिमोट तरीके से एक्सेस न कर सके.
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लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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