e-PAN के नाम पर आया फर्जी ईमेल बना सकता है आपको कंगाल
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 16 Aug 2025 4:26 PM
s-PAN Card Fraud Alert
e-PAN कार्ड से जुड़ा कोई ईमेल अगर आपके पास आया है, तो सतर्क हो जाइए. यह मेल फर्जी है और आपकी निजी जानकारी चुराने के लिए भेजा गया है. जानिए कैसे बचें और कहां करें शिकायत
अगर आपके इनबॉक्स में e-PAN कार्ड से जुड़ा कोई ईमेल आया है, तो सतर्क हो जाइए! यह मेल आपको आर्थिक रूप से तबाह कर सकता है. सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के ईमेल पूरी तरह फर्जी होते हैं और इनका मकसद आपके बैंक डिटेल्स, आधार नंबर, पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी चुराना होता है.
क्या है e-PAN स्कैम?
हाल ही में कई लोगों को एक ईमेल मिला जिसमें e-PAN कार्ड डाउनलोड करने का दावा किया गया. इस मेल में लिंक, कॉल या SMS के जरिए यूजर से संपर्क करने की कोशिश की जाती है. लेकिन यह मेल असली नहीं है- यह एक साइबर फ्रॉड है.
कैसे होती है ठगी?
मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही एक फर्जी वेबसाइट खुलती है
वहां आपसे बैंक डिटेल्स, पैन नंबर, आधार नंबर या पासवर्ड मांगा जाता है
जानकारी देने पर हैकर्स आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं.
सरकारी एजेंसियों की चेतावनी
सरकारी एजेंसियों ने साफ किया है कि वे कभी भी ईमेल या SMS के जरिए निजी जानकारी नहीं मांगतीं. अगर आपको ऐसा कोई मेल मिले, तो तुरंत इसकी शिकायत करें.
कहां करें शिकायत?
आप इस तरह के फर्जी मेल की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं या संबंधित ईमेल एड्रेस पर रिपोर्ट भेज सकते हैं.
क्या करें, क्या न करें
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
अपनी निजी जानकारी किसी को न दें
ईमेल की सत्यता जांचें
साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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