Anthropic के ग्लोबल सर्वे ने बताया- AI से क्या चाहते हैं लोग और डरते किस बात से हैं?

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AI पर लोगों की उम्मीदें और चिंताएं / सिंबॉलिक ai इमेज

Anthropic ने 159 देशों के 81,000 पार्टिसिपेंट्स पर आधारित एक वैश्विक अध्ययन जारी किया है. इसमें सामने आया कि लोग AI से समय बचाने और दक्षता बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं, लेकिन भरोसे की कमी और नौकरी पर असर को लेकर चिंतित हैं. भारत और ब्राजील जैसे देशों में AI को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण दिखा.

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AI को लेकर दुनिया भर में लोगों की सोच तेजी से बदल रही है. Anthropic, जो Claude AI के पीछे काम करनेवाली कंपनी है, ने हाल ही में एक वैश्विक अध्ययन जारी किया है. इसमें बताया गया है कि लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्या चाहते हैं और उन्हें किन बातों की सबसे ज्यादा चिंता है. इस सर्वे में 159 देशों के 81,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी राय साझा की.

लोग AI से क्या चाहते हैं

सर्वे में सबसे ज्यादा प्रतिभागियों ने AI से समय बचाने और दक्षता बढ़ाने की उम्मीद जतायी. लगभग 18.8% लोगों ने प्रोफेशनल एक्सीलेंस को अपनी प्राथमिकता बताया, जबकि 13.7% ने पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन को अहम माना. कई लोगों ने कहा कि वे AI का इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों को संभालने के लिए करते हैं ताकि वे रणनीतिक और जटिल कार्यों पर ध्यान दे सकें.

दूसरे इंस्पिरेशंस की बात करें, तो उनमें लाइफ मैनेजमेंट, टाइम फ्रीडम, फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, समाज में बदलाव, उद्यमिता और सीखने-समझने का अवसर शामिल रहे. दिलचस्प बात यह रही कि केवल 5.6% प्रतिभागियों ने क्रिएटिव एक्सप्रेशन को प्राथमिकता दी, जो सबसे कम लोकप्रिय उपयोग मामला रहा.

सबसे बड़ी चिंता किस बात की

AI को लेकर सबसे बड़ी चिंता अनरिलायबिलिटी (26.7%)रही. इसके बाद नौकरियों और अर्थव्यवस्था पर असर (22.3%) और ऑटोनॉमी और कंट्रोल (21.9%) को लेकर चिंताएं सामने आईं. अन्य मुद्दों में कॉग्निटिव डिक्लाइन, गवर्नेंस चुनौतियां, गलत जानकारी, निगरानी और प्राइवेसी रिस्क, दुरुपयोग और क्रिएटिविटी पर असर शामिल रहे. सबसे कम चिंता ओवर-रिस्ट्रिक्शन को लेकर रही.

इस अध्ययन में 159 देशों के प्रतिभागी शामिल थे (छवि स्रोत: Anthropic)
इस अध्ययन में 159 देशों के प्रतिभागी शामिल थे. (छवि स्रोत: anthropic)

क्षेत्रीय अंतर भी दिखे

अध्ययन ने यह भी दिखाया कि अलग-अलग देशों में AI को लेकर दृष्टिकोण अलग है. भारत, ब्राजील और इजराइल के प्रतिभागियों ने AI को लेकर सकारात्मक नजरिया दिखाया. वहीं फ्रांस, जापान और अमेरिका में मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिलीं. जर्मनी, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के लोग AI को लेकर अपेक्षाकृत ज्यादा संदेहपूर्ण रहे.

निष्कर्ष क्या निकला

यह अध्ययन बताता है कि लोग AI को अपनी प्रोडक्टिविटी और लाइफ मैनेजमेंट का अहम साधन मानते हैं, लेकिन भरोसे और नौकरी सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी उतनी ही गहरी हैं. Anthropic का यह सर्वे AI के भविष्य पर वैश्विक दृष्टिकोण को समझने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होता है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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