ममता के जाल में फंसे विमल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Dec 2017 1:30 AM (IST)
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आरोप. विरोधियों को फंसाने में लगी है राज्य सरकार : सूर्यकांत मिश्र पहाड़ को लेकर शीघ्र त्रिपक्षीय बैठक की मांग भाजपा के खिलाफ तृणमूल के साथ गठबंधन नहीं सिलीगुड़ी : राज्य की तृणमूल सरकार विरोधियों को दबाने में लगी है. पुलिस के मदद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विरोधी पार्टियों के नेताओं का मुंह बंद कराना […]
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आरोप. विरोधियों को फंसाने में लगी है राज्य सरकार : सूर्यकांत मिश्र
पहाड़ को लेकर शीघ्र त्रिपक्षीय बैठक की मांग
भाजपा के खिलाफ तृणमूल के साथ गठबंधन नहीं
सिलीगुड़ी : राज्य की तृणमूल सरकार विरोधियों को दबाने में लगी है. पुलिस के मदद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विरोधी पार्टियों के नेताओं का मुंह बंद कराना चाहती हैं. यही वजह है पहाड़ पर विमल गुरूंग हों या समतल में माकपा या अन्य विरोधी दल,मुख्यमंत्री सभी को झूठे मुकदमें में फंसा रही हैं. मुख्यमंत्री के इसी नीति के शिकार गोजमुमो नेता विमल गुरूंग भी हुए हैं. वह ममता द्वारा बिछाए जाल में फंस गए हैं. एक समय उन्होंने ममता बनर्जी को मां कहा था और अब उनकी हालत क्या है,वह जान रहे होंगे.ऐसी हालत सिर्फ विमल गुरूंग की नहीं है. माकपा के नेता भी इसके शिकार हुए हैं.
ये बातें माकपा नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहीं. वह चालसा जाने के क्रम में सिलीगुड़ी में संवाददाताओं से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य में तृणमूल के अंदर ही मारामारी मची हुयी है. तृणमूल के लोग ही तृणमूल के लोगों को मार रहे हैं,लेकिन मुकदमा माकपा समर्थकों पर दर्ज हो रहा है. दार्जिलिंग पहाड़ की समस्या को लेकर श्री मिश्रा ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि डरा-धमका कर या मुकदमा लादकर आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता.
बातचीत से ही समस्या का समाधान संभव है. उन्होंने पहाड़ को लेकर शीघ्र ही त्रिपक्षीय बैठक बुलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि जीटीए का गठन त्रिपक्षीय समझौते से ही हुआ था और त्रिपक्षीय बैठक से ही समस्या का समाधान है. वाममोर्चा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र ने इसके साथ ही भाजपा पर भी निशाना साधा. श्री मिश्र ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस व भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलु हैं. एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए वह किसी भी कीमत पर तृणमूल से हाथ नहीं मिलायेंगे. तृणमूल से किसी भी सूरत में चुनावी गठबंधन नहीं किया जा सकता है.यह आत्मघाती साबित होगा.
तृणमूल के साथ मिलकर भाजपा को हराने या भाजपा के साथ मिलकर तृणमूल को हराने का फैसला आत्मघाती साबित होगा. उन्होंने आगे कहा कि सीपीएम, टीएमसी एवं भाजपा दोनों का ही प्रधान विरोधी दल है. यही कारण है कि केरल, दिल्ली, हैदराबाद, कर्नाटक सहित देश के कई स्थानों में सीपीएम के कार्यालय तोड़े जा रहे हैं. इस राज्य में भाजपा के बढ़ते जनाधार के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया. उनके अनुसार ममता बनर्जी को हटाए बगैर भाजपा को हटाना मुश्किल है.
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