सिलीगुड़ी के स्कूलों में नियमों की अनदेखी

सिलीगुड़ी: कोलकाता की जीडी बिरला स्कूल की घटना पूरे देश में एक सनसनीखेज मामला बन गया है. जबकि सिलीगुड़ी की लीगल एड फोरम, गार्जियन फोरम व वृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच के मुताबिक बड़े-बड़े तामझाम वाले निजी स्कूलों में आये दिन ऐसी घटनाएं घटती है. बुधवार को सिलीगुड़ी के इस तीनों संगठन के पदाधिकारी मंच साझा […]
सिलीगुड़ी: कोलकाता की जीडी बिरला स्कूल की घटना पूरे देश में एक सनसनीखेज मामला बन गया है. जबकि सिलीगुड़ी की लीगल एड फोरम, गार्जियन फोरम व वृहत्तर सिलीगुड़ी नागरिक मंच के मुताबिक बड़े-बड़े तामझाम वाले निजी स्कूलों में आये दिन ऐसी घटनाएं घटती है. बुधवार को सिलीगुड़ी के इस तीनों संगठन के पदाधिकारी मंच साझा कर सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. गार्जियन फोरम के संदीपन भट्टाचार्य ने बताया कि हाल के कुछ वर्षों में सिलीगुड़ी के कई स्कूलों में ऐसी घटनाएं घटी है.
छात्र ने आत्महत्या तक की है. स्कूलों में ऐसी घटनाओं पर रोकथाम व सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से हमने पहले भी सिलीगुड़ी महकमा शासक के माध्यम से मोनिटरिंग कमिटी बनाने की अपील राज्य सरकार से की थी. जबकि इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है. इस कमिटी में सरकारी अधिकारियों के अलावा संस्था के भी सदस्य रहेगें. जो समय-समय पर स्कूलों को दौरा करेगें.
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार से नियमों को कार्यान्वित कराने के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने की भी मांग इनलोगों ने की. पत्रकारों को संबोधित करते हुए गार्जियन फोरम के अध्यक्ष संदीपन भट्टाचार्य ने कहा कि हाल में जो घटना कोलकाता के जीडी बिरला स्कूल में घटी है, वैसी ही घटना वर्ष 2014 में सिलीगुड़ी के सेंट जोसेफ माटिगाड़ा स्कूल में भी घटी थी. सिलीगुड़ी के बिरला दिब्य ज्योति स्कूल में भी एक छात्र की मौत हुयी थी. वह आत्महत्या थी या हत्या, यह भी अब तक साफ नहीं हुआ है. लेकिन इसके खिलाफ प्रशासन ने भी कोई कदम नहीं उठाया. उन्होंने आगे कहा कि एक स्कूल संचालन के लिए सरकार ने कुछ गाइड लाइन बनाया है.
जबकि खुलेआम उन नियमों की धज्जियां उड़ायी जाती है और प्रशासन के द्वारा कार्यवाई नहीं की जाती है. नियमानुसार सभी स्कूलों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगा होना अनिवार्य है. जबकि अधिकांश स्कूलों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं. किसी-किसी स्कूलों में प्रशासन की आंख में धूल झोंकने के लिए एक या दो सीसीटीवी लगाये तो गये हैं लेकिन उनके मोनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है. बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के लिए स्कूलों ने महारथ हासिल कर ली है. सिलीगुड़ी के लगभग सभी निजी स्कूलों में बच्चों के लिए बस की व्यवस्था है. अधिकांश बसों में कागजात नहीं होने का आरोप लगाया. बस चलाने वाले चालक व खलासी की पूरी जानकारी स्कूल प्रबंधन के पास नहीं होती. बस चलाने के लिए जितने कम रूपये पर चालक व खलासी मिल जाएं, बस इसी पर ध्यान रहता है.
हांलाकि बस फीस के नाम पर अभियाभावकों से मोटी रकम ली जाती है. सरकारी नियमानुसार सभी बस में खास कर बालिकाओं के बस में एक महिला कर्मचारी होना अनिवार्य है. लेकिन यह व्यवस्था भी किसी स्कूल बस में नहीं होती है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली, गुड़गांव सहित कई स्थानों पर हुयी घटनाओं में पाया गया है कि चालक व खलासी ही बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ में शामिल रहते हैं. श्री भट्टाचार्य ने आगे बताया कि इन विषयों पर विशेष ध्यान देने के लिए सिलीगुड़ी महकमा शासक के साथ मिलकर एक गाइड लाइन तैयार की गयी थी. जबकि उसपर अमल नहीं हो रहा है.
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