डागापुर-धुकुड़िया जर्जर सड़क ने लोगों का जीना किया दूभर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :30 Nov 2017 11:18 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल सरकार के विकास के दावे के बीच कई ग्रामीण सड़कें वर्षों से उपेक्षित हैं. इनमें डागापुर से धुकुड़िया सड़क का नाम भी शामिल है. वर्षों से इस सड़क की हालत जर्जर है. ऐसे यह सड़क सिर्फ दो किलोमीटर की है, फिर भी जर्जर हालत में है. यह सड़क नेशनल हाइवे 55 […]
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सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल सरकार के विकास के दावे के बीच कई ग्रामीण सड़कें वर्षों से उपेक्षित हैं. इनमें डागापुर से धुकुड़िया सड़क का नाम भी शामिल है. वर्षों से इस सड़क की हालत जर्जर है. ऐसे यह सड़क सिर्फ दो किलोमीटर की है, फिर भी जर्जर हालत में है. यह सड़क नेशनल हाइवे 55 से जुड़ती है. इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण व छात्र गुजरते हैं, जिन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बारिश के दिनों में तो इस सड़क से होकर गुजरना काफी मुश्किल भरा होता है. इस इलाके को शिक्षा का हब माना जाता है.
इसी इलाके में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, सुरेंद्र इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, प्रगति कॉलेज, ग्रेस अकादमी, ज्ञान ज्योति कॉलेज के अलावा भी और कई स्कूल व कॉलेज हैं. इन शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करना पड़ता है. इन सभी के छात्र इसी जर्जर सड़क से होकर जाने पर मजबूर हैं. स्कूल व कॉलेज की बसें भी किसी तरह इस रास्ते से गुजरती हैं.
मानो भगवान भरोसे. गड्ढों में तब्दील सड़क ग्रामीणों व छात्रों के आवागमन के लिए बाधक है. धुकुड़िया के ग्रामीण इस सड़क समस्या से काफी दुखी हैं. उनका कहना है कि सड़क आठ साल पहले बनी थी. वह भी छह महीने में टूट गयी थी. मिली जानकारी के अनुसार इस सड़क की बदहाली की जानकारी पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी को दी जा चुकी है, फिर भी इस सड़क की मरम्मत नहीं हो पायी. इस सड़क को देकर उत्तर बंगाल विकास मंत्री व दार्जिलिंग के जिलाधिकारी से भी लोगों ने गुहार लगायी, पर किसी ने इनकी फरियाद नहीं सुनी. स्थानीय लोगों ने तत्काल इस सड़क को बनाने की मांग की है.
क्या कहना है जिलाधिकारी का
दार्जिलिंग की जिलाधिकारी जयशी दासगुप्त ने बताया की डागापुर से धुकुड़िया की सड़क जर्जर है, इसकी जानकारी मेरे पास अभी नहीं है. यदि तत्कालीन डीएम ने उक्त सड़क के लिए पैसे अावंटन किये थे, तो इसकी जानकारी लूंगी. साथ ही उन्होनें कहा कि सड़क सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी डेवलपमेंट अथॉरिटी (एसजेडीए) के अधीन या पंचायत के अधीन आती है, यह भी देखना पड़ेगा. सड़क जर्जर है, तो बनेगी.
क्या कहना है ग्रामीणों का
कई सालों से यह सड़क जर्जर हाल बयां कर रही है. इसका सुध लेने वाला कोई नहीं है. हमारे घर में कोई बीमार होता है तो अस्पताल भी ले जाने में काफी दिक्कतें होती है.
श्याम बहादुर तमांग
बरसात के दिनों में तो इस सड़क से हो कर गुजरना काफी मुश्किल भरा होता है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है. इस सड़क से होकर साइकिल या टोटो भी नहीं गुजर पाते.
विष्णु छेत्री
3.हमारे छोटे-छोटे बच्चे इसी सड़के से होकर स्कूल जाते है, जिन्हें काफी दिक्कत होती है. कई बार तो सड़क पर ही गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट लग जाती है.
रतन बहादुर तमांग
यह सड़क काफी दिनों से जर्जर है. इसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. इस इलाके में कई मंत्री आते रहते हैं. हम लोग मंत्री से इस सड़क को लेकर शिकायत भी करते हैं, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई.
माया तमांग
हमारे गांव में नेता वोट मांगने के लिए आते हैं, उसके बाद गांव को भूल जाते हैं. वोट के समय तो बड़ी-बड़ी बाते करते हैं. जैसे सड़क बनवा देंगे, पीने के पानी की व्यवस्था कर देंगे, पर चुनाव जीतने के बाद वे भूल जाते हैं कि उन्होंने कोई वादा किया था.
राधा तमांग
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