काली चाय और काली कमाई, ब्रोकरी के नाम पर चाय कारोबारी काट रहे हैं चांदी

Published at :24 Nov 2017 8:33 AM (IST)
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काली चाय और काली कमाई, ब्रोकरी के नाम पर चाय कारोबारी काट रहे हैं चांदी

सिलीगुड़ी: चाय उद्योग में बड़े घोटाले के सनसनीखेज खुलासे के बाद जब प्रभात खबर की टीम मामले के तह तक गयी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. चाय कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो सिलीगुड़ी के कई बड़े कारोबारी चाय कारोबार कानून की धज्जियां उड़ा कर चांदी काट रहे हैं. हाल में ही […]

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सिलीगुड़ी: चाय उद्योग में बड़े घोटाले के सनसनीखेज खुलासे के बाद जब प्रभात खबर की टीम मामले के तह तक गयी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. चाय कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो सिलीगुड़ी के कई बड़े कारोबारी चाय कारोबार कानून की धज्जियां उड़ा कर चांदी काट रहे हैं. हाल में ही चाय उद्योग की कानूनी मामलों की देखरेख करनेवाली संचालन समिति को भी इस कारोबार में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और काफी अनियमितता की भनक लगी.

सूत्रों की मानें तो चाय उत्पादक ही चाय नीलामी के नाम पर ब्रोकरी का भी धंधा कर रहे हैं. पिछले दिनों एक जांच के बाद इस अवैध धंधे से जुड़े सिलीगुड़ी के कई बड़े चाय कारोबारियों के नामों का खुलासा भी हुआ है. चाय कारोबार पर निगरानी रखने के लिए टी बोर्ड, टी ऑक्शन कमिटी तथा अन्य संबंधित संगठनों को लेकर जो संचालन समिति बनी है, उसी ने तकरीबन 15 दिनों के अंदर चार नामी कंपनियों के कारोबार पर दो सप्ताह का ब्रेक लगा दिया है. इनमें सबसे पहले गुड प्वाइंट टी ब्रोकर्स नामक फर्म पर कार्यवाही की गयी.

इस कंपनी को चाय नीलामी के सेल संख्या 02 और 03 में भाग लेने से रोक दिया गया. इसपर पहले आठ सप्ताह की रोक लगायी गयी थी. आठ सप्ताह यानि कुल 8 नीलामी में कंपनी भाग नहीं ले सकती थी. बाद में इसे केवल दो सप्ताह के लिया कर दिया गया. उसके बाद कंटेमप्ररी ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड को चाय नीलामी सेल संख्या 04-05 में शामिल होने के आवेदन को रद्द किया गया. इसी तरह पारकुन इंडिया लिमिटेड की चाय नीलामी सेल संख्या 05-06 और टी चैम्पियन प्राइवेट लिमिटेड को चाय नीलामी सेल संख्या 06-07 पर भी कार्यवाही की गयी है. इनको भी कारोबार करने के लिए फिलहाल दो सप्ताह के लिए रोक दिया गया. सूत्रों के अनुसार सिलीगुड़ी टी ऑक्शन कमेटी ने इस मामले की एक रिपोर्ट इंडियन टी बोर्ड को सौंप दी है. क्रमशः

अगली किस्त में पढ़ें ‘कैसे हो रहा चाय उद्योग में करोड़ों का घोटाला’
कौन हैं मालिक
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुड प्वाइंट टी ब्रोकर नामक कंपनी के तीन पार्टनर रामावतार बरेलिया, अनिल तिवारी व राजीव जैन हैं. मुख्य पार्टनर रामावतार बरेलिया खुद चाय उत्पादक, सेलर और ब्रोकर तीनों की जिम्मेदारी अकेले ही संभाल रहे हैं. अरुण टी वेयर हाउस और शांति वेयर हाउस का मालिकाना भी श्री बरेलिया के पास ही है. वहीं, कंटेमप्ररी ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक अर्जुन मित्र, पारकुन इंडिया लिमिटेड के प्रबंधक विकास श्रीवास्तव और टी चैम्पियन प्राइवेट लिमिटेड के कर्ताधर्ता मानिक चंद लोहिया हैं. आरोप है कि इन कंपनियों ने नीलामी के लिए वेयर हाउस में रखे जानेवाले चाय की बोरियों के किराये में करोड़ों रूपये की हेराफेरी की है.
हेराफेरी की बात टी ऑक्शन कमेटी ने भी मानी
चाय नीलामी और वेयर हाउस के किराये के नाम पर हो रही इस हेराफेरी को टी ऑक्शन कमेटी ने भी स्वीकार किया है. हालांकि इस बाबत कमेटी के सचिव पंकज दास ने प्रभात खबर के सामने कुछ भी टिप्पणी करने साफ इंकार करते हुए केवल दो टूक शब्दों में कहा है कि पिछले दिनों अनियमितता का मामला सामने आया. पूरे मामले को लेकर कुछ कंपनियों की अनियमितता के विरुद्ध टी बोर्ड को पूरी जानकारी दे दी गयी है. अब यह पूरा मामला उनके दायरे में नहीं है जो कुछ भी करना है वह टी बोर्ड को ही करना है. आधिकारिक रूप से कुछ भी टिप्पणी टी बोर्ड के पदाधिकारी ही देंगे. इस बाबत टी बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर आर कुजूर से भी संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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