बंगाल में काउंटिंग के दिन हिंसा रोकने को तैनात होंगी CAPF की 700 कंपनियां, QR कोड के बिना एंट्री नहीं

West Bengal Election Counting Day Security: बंगाल चुनाव 2026 की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किया है. केंद्रीय बलों की 700 कंपनियों की तैनाती और थ्री-लेयर सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती होगी. किसी भी हिंसा या गड़बड़ी पर होगी तत्काल कार्रवाई. पढ़ें विशेष रिपोर्ट.
West Bengal Election Counting Day Security: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना (4 मई) से पहले चुनाव आयोग ने राज्य में शांति बनाये रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. चुनाव के बाद होने वाली संभावित हिंसा (Post-Poll Violence) को रोकने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) हाई अलर्ट पर हैं.
राज्य के हर कोने में कायम रहेगा कानून का राज्य : आयोग
आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के कोने-कोने में कानून का राज कायम रहेगा और किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जायेगा. कलकत्ता हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अब पूरी प्रशासनिक और पुलिस मशीनरी चुनाव आयोग के सीधे नियंत्रण में है.
सुरक्षा का चक्रव्यूह, सीएपीएफ की 700 कंपनियां संभालेंगी मोर्चा
चुनाव आयोग ने मतगणना और उसके बाद की स्थिति से निपटने के लिए एक मल्टी-लेयर सुरक्षा रणनीति तैयार की है. राज्य भर में शांति और स्थिरता बनाये रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 700 कंपनियां तैनात रहेंगी. सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा का तीन स्तरीय घेरा होगा. संवेदनशील इलाकों और ‘वल्नरेबल जोन’ में विशेष गश्त (Specialized Patrols) की व्यवस्था की गयी है. मतगणना केंद्र के भीतर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश मिलेगा. सुरक्षा को डिजिटल बनाते हुए इस बार QR-Coded Photo ID अनिवार्य कर दिया गया है.
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24/7 कमांड हब : सीसीटीवी से होगी निगरानी
आयोग ने किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत एक्शन लेने के लिए ‘कमांड हब’ स्थापित किये हैं. ईसीआई और सीईओ कार्यालयों से सीधे मतगणना केंद्रों की निगरानी की जायेगी. किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जायेगी. शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को सजा दी जायेगी.
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हेल्पलाइन और गोपनीयता
चुनाव आयोग ने जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 345 0008 और ई-मेल wbfreeandfairpolls@gmail.com जारी किया है. शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी.
प्रशासन अब आयोग के हाथ : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान नागरिक और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधीन है. आयोग का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे और लोकतंत्र मजबूत हो.
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By Mithilesh Jha
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