ईरान ने अमेरिका को दिया बातचीत का नया प्रस्ताव, क्या बनेगी बात?

Edited by Pritish Sahay
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई

Middle East Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर चल रहा हो, लेकिन तनाव चरम पर है. होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी जारी है. इस बीच तेहरान की ओर से अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा गया है.

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Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है. ईरान की सरकारी मीडिया इरना (IRNA) के मुताबिक तेहरान ने पाकिस्तान के जरिये अपना प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ईरान के नये प्रस्ताव से दोनों देशों के बीच जारी तनाव कम हो सकता है. हालांकि नये प्रस्ताव में क्या है इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अपने प्रस्ताव में होर्मुज (Strait of Hormuz) से समुद्री यातायात को फिर से बहाल करने का सुझाव दिया है.

ठंडे बस्ते में चली गई ईरान-अमेरिका वार्ता

इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का अगला दौर रद्द हो गया है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे थे, बीते दिनों पाकिस्तान आकर चले गए, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल नहीं हुआ. ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर के नेतृत्व में प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा रद्द कर दी. इससे मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को झटका लगा है. इससे पहले वार्ता का पहला दौर, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद अध्यक्ष एमबी ग़ालिबफ़ शामिल थे, 21 घंटे तक चला लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.

ट्रंप ने कहा- समझौते के लिए बेताब है ईरान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए ‘समझौता करने को बेताब’ है. ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि फिलहाल अमेरिका का हवाई हमला करने का इरादा नहीं है. अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति जताई थी तब से युद्ध अस्थायी रूप से रुका हुआ है. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि सैन्य कार्रवाई ने ईरान की क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है.

नाकाबंदी से चरमरा गयी है ईरान की अर्थव्यवस्था

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान की नौसेना खत्म हो गई है. उनकी वायुसेना खत्म हो गई है… उनके करीब 82 प्रतिशत ड्रोन कारखाने ठप हो गए हैं. उनके मिसाइल उत्पादन पर भी असर पड़ा है. उनके मिसाइल कारखाने लगभग 90 प्रतिशत तक तबाह हो गये हैं. ट्रंप ने कहा कि “हमने उनकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी से ईरानी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को तेल से कोई मुनाफा नहीं मिल रहा है. ऐसे में ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है.

तेल के दाम में काफी इजाफा हुआ है

होर्मुज का रास्ता बंद होने के कारण तेल के दाम में काफी इजाफा हुआ है. युद्ध से पहले 78 रुपये प्रति बैरल कच्चा तेल की कीमत अब उछलकर 126 रुपये प्रति बैरल हो गयी है. न्यूज चैनल अल जजीरा (Al Jazeera) की रिपोर्ट के अनुसार, अगर नाकाबंदी जारी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी फ्यूल कॉस्ट (Fuel Cost) पर असर पड़ सकता है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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