दित्वाह चक्रवात से उबरने में श्रीलंका की मदद कर रहा भारत, 350 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट से मिलेगा सहारा
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके
भारत और श्रीलंका ने रिश्तों को मजबूत करते हुए 350 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट पर समझौता किया है. यह फंड चक्रवात 'दित्वाह' से तबाह हुए क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में इस्तेमाल होगा.
India Sri Lanka relations : भारत और श्रीलंका ने अपने आपसी रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, भारत की मदद से चल रही विकास परियोजनाओं और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की.
350 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट पर समझौता
बैठक के बाद भारत और श्रीलंका के बीच भारतीय रुपये में नामित 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान हुआ. भारतीय उच्चायोग के मुताबिक यह राशि भारत द्वारा चक्रवात 'दित्वाह' के बाद श्रीलंका को दिए गए 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है. इस फंड का इस्तेमाल चक्रवात प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जरूरी सामान की खरीद के लिए किया जाएगा.
दित्वाह चक्रवात नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में श्रीलंका से टकराया था. यह 28 नवंबर 2025 को श्रीलंका के पूर्वी तट से टकराया, जिसके बाद पूरे देश में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई. इस आपदा से लाखों लोग प्रभावित हुए, हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए और परिवहन, बिजली तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था.
चक्रवात के बाद राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में सहायता के लिए भारत ने श्रीलंका को 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज देने की घोषणा की थी. अब उसी पैकेज के तहत 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय रुपये (INR) आधारित लाइन ऑफ क्रेडिट उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका उपयोग पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा.
भारत समर्थित परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
भारतीय उच्चायोग ने बताया कि बैठक में श्रीलंका में भारत की सहायता से चल रही कई विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई. दोनों पक्षों ने ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा की जो दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े हैं. भारत ने भरोसा दिलाया कि वह श्रीलंका के विकास और पुनर्निर्माण में आगे भी एक विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा.
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By आलोक पाठक
आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।
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