ईरान का ऐलान: अमेरिका जब तक नहीं मानेगा शर्तें, तब तक नहीं खुलेगा होर्मुज
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- X
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने से मना कर दिया है. ईरान ने अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अमेरिका को सीधी चेतावनी भी दी है.
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने और रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने से साफ इनकार कर दिया है. एएआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिका तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक पुराने वार्ता ढांचे में लौटने की कोई उम्मीद नहीं है.
मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया संदेश
गालिबाफ के मुताबिक, ईरान ने अपनी मांगें मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक स्पष्ट रूप से पहुंचा दी हैं. उनका कहना है कि जब तक ईरानी जनता के अधिकारों को मान्यता नहीं मिलती और अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज को दोबारा खोलने का सवाल नहीं उठता.
होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका-ईरान टकराव का सबसे अहम केंद्र बन गया है. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यहां समुद्री यातायात में किसी भी बड़े व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक यातायात जारी है.
ईरान की सेना की अमेरिका को कड़ी चेतावनी
गालिबाफ के बयान के बाद ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है. ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से बताया गया कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की तो पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जाएगा.
‘अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले होंगे’
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब लगातार और प्रभावी हमलों से दिया जाएगा. ईरानी सैन्य कमान ने क्षेत्र के उन देशों को भी चेतावनी दी है जो किसी अमेरिकी सैन्य अभियान में मदद करेंगे.
ईरान ने बताईं संघर्ष खत्म करने की शर्तें
ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई के अनुसार, तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष खत्म करने के लिए अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई हैं. इनमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, ईरान के फ्रीज किए गए धन को जारी करना और ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना शामिल है.
अमेरिका ने 109 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला
इस बीच अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि उसकी सेनाओं ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी लागू कराने के दौरान 109 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया है. CENTCOM के मुताबिक, यह कार्रवाई नाकाबंदी के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है.
14 जुलाई से फिर लागू है अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी
अमेरिकी सेना ने 14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर नाकाबंदी लागू करने की कार्रवाई दोबारा शुरू की थी. CENTCOM ने उस समय कहा था कि ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों की निगरानी और नाकाबंदी जारी रहेगी.
ट्रंप ने भी दी ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान अपने रवैये में बदलाव नहीं करता तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. हालांकि, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत की संभावना के संकेत भी दिए हैं.
UNGA के बीच बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव
ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं जब दुनिया भर के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में जुट रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव तथा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति इस बैठक के दौरान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है.
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