शेख हसीना का यूनुस सरकार पर हमला, बोलीं- छात्रों के आंदोलन को हिंसक बनाकर हथियाई गई सत्ता

Updated:
विज्ञापन

दिल्ली से बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस (फोटो : AI)

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय समुदाय से देश में लोकतंत्र की बहाली का समर्थन करने की अपील की है. उन्होंने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

विज्ञापन

Sheikh Hasina Virtual Press Conference : बांग्लादेश की पूर्व मुख्यमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को नई दिल्ली में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के संघर्ष का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि एक स्थिर बांग्लादेश सिर्फ उसके नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र और लोकतांत्रिक देशों के लिए भी महत्वपूर्ण है.

'स्थिर बांग्लादेश पूरे दक्षिण एशिया के हित में'

फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC South Asia) के कार्यक्रम में वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वह अपने देश को कठिन दौर से गुजरते देख रही हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र, कानून का शासन और न्याय की रक्षा के लिए वैश्विक समुदाय को आगे आना चाहिए.

उन्होंने कहा, "स्थिर बांग्लादेश पूरे दक्षिण एशिया, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र, विकास साझेदारों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी देशों के लिए जरूरी है."

Also read : वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलीं शेख हसीना, यह वो बांग्लादेश नहीं; जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत

'छात्र आंदोलन नहीं, सत्ता परिवर्तन की साजिश'

शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के आरक्षण विरोधी आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि वह छात्र आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं था, बल्कि उनकी सरकार को गिराने के लिए सुनियोजित अभियान चलाया गया था. उनके मुताबिक शुरुआत में सरकार ने बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों को हिंसक राजनीतिक आंदोलन में बदल दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कोटा सुधार आंदोलन को उनकी इस्तीफे की मांग तक पहुंचाया गया और झूठे प्रचार के जरिए छात्रों का इस्तेमाल सत्ता परिवर्तन के लिए किया गया.

मुहम्मद यूनुस पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व प्रधानमंत्री ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि खुद यूनुस ने इस आंदोलन को एक "सुनियोजित अभियान" बताया था, जिससे साफ है कि यह योजनाबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन ऑर्गेनाइज किया गया था. हसीना ने आरोप लगाया कि उनके सत्ता से हटने के बाद अवामी लीग के हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, कई लोगों की हत्या हुई, हजारों लापता हुए और लाखों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए.

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग को अंतरिम सरकार ने रोक दिया और 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़े प्रतीकों तथा शेख मुजीबुर रहमान की विरासत को मिटाने की कोशिश की गई.

Also read : 'बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट': शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा

'मुझे देश छोड़ना पड़ा, लेकिन लोगों से रिश्ता नहीं टूटा'

अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन उनका अपने देशवासियों से रिश्ता कभी नहीं टूटा. उन्होंने कहा कि मौजूदा बांग्लादेश वह नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया था.

हसीना के बेटे ने उठाए मौत के आंकड़ों पर सवाल

कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद भी शामिल हुए. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट पर सवाल उठाया जिसमें 2024 की हिंसा में 1,400 लोगों की मौत का जिक्र किया गया है. उनका कहना था कि बांग्लादेश सरकार का आधिकारिक आंकड़ा इससे काफी कम है और संयुक्त राष्ट्र ने अतिरिक्त मृतकों की सूची अब तक सार्वजनिक नहीं की है.

वाजेद ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार ने एक कानून बनाकर आंदोलनकारियों को हत्या सहित सभी मामलों में कानूनी सुरक्षा दे दी, जो मानवाधिकारों और कानून के शासन के खिलाफ है.

भारत सरकार ने कार्यक्रम से बनाई दूरी

इस कार्यक्रम से पहले भारत सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा किया गया है, जिससे सरकार का कोई संबंध नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार का इस कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है और न ही यहां व्यक्त किए गए किसी भी विचार का समर्थन करती है.

Also read : 2 साल बाद बंद कैमरे के साथ जनता के सामने आईं शेख हसीना, जानिए क्यों नहीं दिखाया चेहरा

भारत में रह रही हैं शेख हसीना

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत में शरण ली थी. इसके बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ और फरवरी 2026 में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सत्ता में आई, जबकि अवामी लीग चुनाव नहीं लड़ सकी. तब से शेख हसीना भारत में रह रही हैं और लगातार बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर राजनीतिक प्रताड़ना के आरोप लगाती रही हैं.


विज्ञापन
आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola