कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, क्या रुक जायेगी मतगणना?

Published by :Mithilesh Jha
Published at :01 May 2026 9:54 PM (IST)
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WB Polls 2026 Supreme Court TMC West Bengal Election 2026

WB Polls 2026: कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है. देश की सबसे बड़ी अदालत में शनिवार को सुनवाई होगी. पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों से पहले इस कानूनी लड़ाई का काउंटिंग पर क्या असर होगा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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WB Polls 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले कानूनी लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुंच गयी है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत शनिवार को विशेष सुनवाई करने के लिए तैयार हो गयी है. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले इस कानूनी दांव-पेंच ने राज्य की सियासत में खलबली मचा दी है.

क्या है पूरा मामला?

विवाद की जड़ कलकत्ता हाईकोर्ट का वह आदेश है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया या सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विशेष पहलू (जैसे पुनर्मतदान या मतगणना की निगरानी) पर निर्देश दिये गये थे. कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था. इससे पहले चुनाव आयोग ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा था कि हर काउंटिंग सेंटर पर कम से कम एक केंद्रीय कर्मचारी को नियुक्त किया जायेगा. टीएमसी ने इसका विरोध किया और हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी. टीएमसी का मानना है कि हाईकोर्ट के फैसले से चुनाव परिणामों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है.

तृणमूल कांग्रेस की दलील

पार्टी का तर्क है कि चुनाव के अंतिम चरण में इस तरह के न्यायिक हस्तक्षेप से मतगणना प्रक्रिया में बाधा आ सकती है. टीएमसी के वकीलों ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने शनिवार का दिन मुकर्रर कर दिया.

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शनिवार की सुनवाई क्यों है अहम?

यदि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा देता है, तो यह टीएमसी के लिए बड़ी नैतिक जीत होगी. चुनाव के बीच अदालती आदेशों की सीमा को लेकर यह सुनवाई एक बड़ी नजीर पेश कर सकती है. बीजेपी और अन्य विपक्षी दल इस मामले पर नजर गड़ाये हुए हैं. उनका मानना है कि टीएमसी हार के डर से कानूनी अड़चनें पैदा कर रही है.

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WB Polls 2026: हाईकोर्ट का वह फैसला जिसने बढ़ायी टेंशन

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में चुनाव बाद की हिंसा को रोकने और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को लेकर कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किये थे. इसी के साथ कुछ बूथों पर पुनर्मतदान की याचिकाओं पर भी टिप्पणी की थी. टीएमसी इन्हीं आदेशों के कुछ हिस्सों को ‘एकतरफा’ बताकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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