उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता?

Updated at : 12 Mar 2026 4:38 PM (IST)
विज्ञापन
Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR 60268 voters deleted West Bengal News

Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR: पश्चिम बंगाल के उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र में 60 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने एक-दूसरे पर हमला बोला है. दोनों पार्टियां बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहीं हैं.

विज्ञापन

Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच जारी मतदाता सूची से 63,66,952 वोटर्स के नाम हटाये जा चुके हैं. हावड़ा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर के नाम कटे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र. वर्ष 2025 के ड्राफ्ट रोल की तुलना में 60,268 मतदाताओं की कमी आयी है. इतने मतदाताओं के नाम एक साथ कट जाने से सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में बेचैनी देखी जा रही है.

तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर बोल रहे हमला

तृणमूल इस मुद्दे पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रही है. अब भाजपा ने भी पलटवार शुरू कर दिया है. बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि फर्जी मतदाताओं के वोट से ही पिछले 2 विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी.

17231 मतदाता विचाराधीन, 3418 के नाम डिलीट

चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि वर्ष 2025 में उत्तर हावड़ा में कुल 2,24,000 मतदाता थे. एसआईआर के बाद प्रकाशित इनकम्प्लीट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 1,63,732 रह गयी. 17,231 मतदाता अभी भी ‘विचाराधीन’ की श्रेणी में है. 3,418 मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिये गये हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

2021 के चुनाव में टीएमसी-बीजेपी में हुआ था मुकाबला

वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर हावड़ा सीट पर मुकाबला हुआ था. तृणमूल प्रत्याशी गौतम चौधरी ने 5,522 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. गौतम चौधरी को 71,575 और भाजपा प्रत्याशी उमेश राय को 66,053 वोट मिले थे. तृणमूल को इस सीट पर 47.81 प्रतिशत और भाजपा को 44.12 प्रतिशत वोट मिले थे.

एसआईआर से उत्तर हावड़ा के चुनावी नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस बार भी तृणमूल कांग्रेस बाजी मारेगी और जोड़ा फूल ही खिलेगा. तृणमूल प्रत्याशी मतदाताओं के वोट से जीतते हैं. इस बार भी जीत तय है. एसआईआर से लोग परेशान हुए हैं. इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा.

डॉ मानव जायसवाल, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस

5.46 लाख लोगों के नाम फिर हटाये गये

60,268 वोटर का नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की विधानसभा क्षेत्र में खूब चर्चा है. इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी की थी, उसमें 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये थे. अंतिम सूची में 58.21 लाख के बाद 5.46 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं.

एसआईआर में 60,268 मतदाताओं के नाम हटे हैं. 17,231 अब भी विचाराधीन की श्रेणी में है. अगर विचाराधीन श्रेणी के मतदाता अंतिम सूची में जुड़ भी जाते हैं, तो भी काफी अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम हटे हैं. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में किस तरह धांधली हुई होगी. इस बार यहां कमल फूल खिलेगा.

उमेश राय, प्रदेश सचिव, भाजपा

इसे भी पढ़ें

बंगाल चुनाव 2026: एसआईआर में गायब हो गयीं 33 लाख महिला वोटर, क्या होगा असर?

SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश

बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग ने धमकाया! ममता बनर्जी का गंभीर आरोप

एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola