बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग ने धमकाया! ममता बनर्जी का गंभीर आरोप

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी.

Election Commission in Bengal: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की फुल बेंच के पश्चिम बंगाल दौरे के बीच प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग की बैठक में धमकी दी गयी. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट.

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Election Commission in Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाये. वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने कहा कि चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान चीफ इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘धमकाया’ है. इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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साहस ठीक, दुस्साहस नहीं – ममता बनर्जी

कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ने सीधे सीईसी को संबोधित करते हुए कहा- आज बैठक में हमारे अधिकारियों को डराया गया है. मैं कहना चाहती हूं कि साहस होना अच्छी बात है, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठकर दुस्साहस दिखाना शोभा नहीं देता.

क्या हुआ था बैठक में?

चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ अप्रैल में होने वाले चुनावों की समीक्षा की थी. बैठक में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ड्यूटी में चूक हुई, तो सख्त कार्रवाई होगी. आयोग ने राज्य में स्वापक सलाहकार समिति (Narcotics Advisory Committee) के नहीं होने पर भी सवाल खड़े किये.

वोटर लिस्ट को बनाया जा रहा ‘हथियार’

ममता बनर्जी केवल धमकी के आरोप तक ही सीमित नहीं रहीं. उन्होंने ‘वोटर लिस्ट’ के मुद्दे पर भी आयोग को घेरा. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर 3 आरोप लगाये.

  • एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिये लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है.
  • वोटर लिस्ट से नाम हटाना और डराना-धमकाना अब एक ‘राजनीतिक हथियार’ बन गया है.
  • सत्ता हासिल करने के लिए लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है.

लोगों के मतदान का अधिकार सुनिश्चित करेंगे – ममता

ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा- अगर किसी को लगता है कि डराकर या लिस्ट से नाम हटाकर उसे सत्ता मिल जायेगी, तो यह उनकी भूल है. हम हर नागरिक का मतदान का अधिकार सुनिश्चित करेंगे.

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