निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में होंगे बंगाल विधानसभा चुनाव, बोले ज्ञानेश कुमार

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कोलकाता में बैठक करते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम.

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Bengal Assembly Election 2026: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी तरीके से और कानून के दायरे में कराये जायेंगे. 2 दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल आये चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने और क्या-क्या कहा, दिन भर उनकी बैठकों में क्या हुआ, यहां पढ़ें.

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Bengal Assembly Election 2026: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की समीक्षा की. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग की फुल बेंच ने राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के साथ संवाद किया. राजनीतिक दलों ने अपने सुझाव और आपत्तियां दीं, जिस पर विचार करने की बात आयोग ने कही. चुनाव आयोग ने अधिकारियों के साथ भी बैठकें की, जिसमें कई दिशा-निर्देश दिये.

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SIR पर राजनीतिक दलों ने जताया भरोसा

चुनाव आयोग ने कहा कि अधिकांश दलों ने आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भरोसा जताया. साथ ही चुनाव के दौरान हिंसा, डराने-धमकाने और धनबल के प्रयोग पर चिंता भी व्यक्त की.

हिंसा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनायेगा आयोग

आयोग ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में होंगे. शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने हिंसा और मतदाताओं को डराने के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया है.

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ईवीएम प्रबंधन की भी चुनाव आयोग ने की समीक्षा

इतना ही नहीं, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने पुलिस प्रशासन और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) प्रबंधन और मतदाताओं की सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की है.

Bengal Assembly Election 2026: चुनाव आयोग ने दिन भर क्या-क्या किया

  • राष्ट्रीय दलों (AAP, BJP, CPIM, INC, NPP) और क्षेत्रीय दलों (AIFB, AITC) के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सुझाव लिये.
  • अधिकांश दलों ने बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रशंसा की और आयोग पर विश्वास जताया.
  • राजनीतिक दलों ने मांग की कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने या हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाये जायें.
  • पार्टियों ने हिंसा रोकने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती की मांग की. बम, हथियार और धनबल के प्रयोग पर चिंता जतायी.
  • राजनीतिक दलों ने आयोग से अुरोध किया कि चुनाव को एक या दो चरण में ही कराये जायें.
  • CEC ने आश्वासन दिया कि चुनाव पूरी तरह कानून के अनुसार, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराये जायेंगे.
  • चुनाव आयोग ने कहा कि हिंसा या मतदाताओं/चुनाव कर्मियों को डराने की किसी भी कोशिश को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
  • सभी राजनीतिक दलों ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में आयोग को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया.
  • CEC ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पूरी पारदर्शिता से हुआ है और नाम जोड़ने या हटाने के लिए अभी भी फॉर्म भरे जा सकते हैं.
  • आयोग ने पुलिस अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) के साथ EVM प्रबंधन, ट्रेनिंग और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की.
  • प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी निष्पक्षता से काम करने और मतदाताओं को प्रलोभन देने वाली गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया गया.
  • चुनाव आयोग ने अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिये.

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