बंगाल चुनाव में हिंसा बर्दाश्त नहीं, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगी 2,193 क्विक रिस्पांस टीमें

Quick Response Team Deployment: पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए 152 सीटों पर 2,193 क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गयी हैं. मुशिर्दाबाद में सबसे ज्यादा तैनाती हुई है. हल्दिया और कांथी के एसडीपीओ को बदल दिया गया है. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
जरूरी बातें
Quick Response Team Deployment: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने सुरक्षा का अभेद्य किला तैयार किया है. मतदान के दौरान किसी भी प्रकार के हंगामे, मारपीट या हिंसक झड़प की सूचना मिलते ही क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बिजली की गति से मौके पर पहुंचेगी.
23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीट पर वोटिंग
आयोग के निर्देश पर तैयार की गयी यह स्पेशल फोर्स 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के दौरान 152 विधानसभा क्षेत्रों में मोर्चा संभालेगी. इस बार की QRT पहले के मुकाबले काफी अलग और अधिक शक्तिशाली होगी.
QRT में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के कमांडो
अब तक के चुनावों में क्विक रिस्पांस टीम में केवल राज्य पुलिस के जवान होते थे. इस बार थोड़ा बदलाव किया गया है. प्रत्येक टीम में राज्य पुलिस के एसआई (SI) या एएसआई (ASI) रैंक के एक अधिकारी के साथ कम से कम 4 से 6 केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) के जवान तैनात रहेंगे. संवेदनशील इलाकों में जवानों की संख्या और भी अधिक हो सकती है.
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हाई-टेक निगरानी की व्यवस्था
इस बार QRT की गाड़ियों में कैमरे लगाये गये हैं. यह टीम सीधे सेक्टर ऑफिस और कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेगी, जिससे हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी.
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मुर्शिदाबाद और मेदिनीपुर में सबसे भारी तैनाती
आयोग ने संवेदनशीलता को देखते हुए जिलों में टीमों का आवंटन किया है. सबसे ज्यादा 288 टीमें मुर्शिदाबाद में तैनात की गयीं हैं. मुर्शिदाबाद पुलिस जिला में 219 और जंगीपुर पुलिस जिला में 69 टीमें शामिल हैं. पूर्व मेदिनीपुर में 253 और पश्चिम मेदिनीपुर में 248 टीमें मोर्चा संभालेंगी. बांकुड़ा में 180, बीरभूम में 161, मालदा में 157, पुरुलिया में 139, कूचबिहार में 133 और आसनसोल-दुर्गापुर कमिश्नरेट में 113 टीमें तैनात रहेंगी. उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर और रायगंज में भी बड़े पैमाने पर QRT की तैनाती की गयी है.
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हल्दिया और कांथी के SDPO बदले गये
चुनाव से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया भी तेज कर दी है. आयोग ने हल्दिया के एसडीपीओ के रूप में आईपीएस आलोक कुमार और कांथी के एसडीपीओ के रूप में अतनु घोषाल की नियुक्ति की है. दोनों को तत्काल कार्यभार संभालने का आदेश दिया गया है. इससे पहले मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भी फेरबदल किया गया था.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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