बंगाल चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए AI और ‘बॉडी कैम’ का पहरा, बूथों पर 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’

West Bengal Election 2026 Security
West Bengal Election 2026 Security: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने एआई (AI), बॉडी कैम और 100 मीटर नो-एंट्री जोन जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. फर्जी मतदान और हिंसा रोकने के लिए आयोग का सबसे बड़ा प्लान बंगाल के चुनावी इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है.
खास बातें
West Bengal Election 2026 Security: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को हिंसा मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने फुलप्रूफ सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. इस बार चुनाव केवल सुरक्षा बलों के भरोसे नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक कैमरों की निगरानी में भी होंगे.
फर्जी मतदान को खत्म करने के लिए कड़े कदम
इलेक्शन कमीशन ने मतदान केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की एक ऐसी ‘लक्ष्मण रेखा’ खींच दी है, जिसे पार करना अनधिकृत व्यक्तियों के लिए नामुमकिन होगा. इस नयी व्यवस्था का उद्देश्य डरा-धमकाकर वोट डलवाने और फर्जी मतदान (Proxy Voting) की परंपरा को जड़ से खत्म करना है.
100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ और डबल वेरिफिकेशन
चुनाव आयोग ने हर पोलिंग स्टेशन के बाहर 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया है. मतदान केंद्र के चारों ओर 100 मीटर की दूरी पर स्पष्ट गोल घेरा बनाया जायेगा. इस रेखा की सीमा पर 2 वेरिफिकेशन डेस्क होंगे. यहां बीएलओ (BLO) मतदाता के दस्तावेजों की जांच करेंगे. इसके बाद ही किसी को बूथ की ओर बढ़ने की अनुमति मिलेगी.
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AI और बॉडी कैम से डिजिटल निगरानी
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल होगा. यह किसी हॉलीवुड फिल्म जैसा नजर आयेगा.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): मतदान केंद्रों पर एआई-इनेबल्ड यानी सक्षम कैमरे लगे होंगे. अगर बूथ के पास अचानक भीड़ जुटती है या कोई संदिग्ध हलचल होती है, तो यह सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा.
- बॉडी-वोन कैमरा : माइक्रो-ऑब्जर्वर्स और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) के जवान बॉडी कैमरों से लैस होंगे. मतदान केंद्र के भीतर और बाहर होने वाली हर बातचीत और गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जायेगा.
- CCTV पर कब्जा : आयोग ने नजदीकी इलाकों में लगे सभी सरकारी सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है, जिनकी मॉनिटरिंग केंद्रीय कंट्रोल रूम से होगी.
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ASD लिस्ट और वोटर पर्चियों पर पैनी नजर
फर्जी वोटिंग रोकने के लिए आयोग ने पुरानी खामियों को दूर किया है. अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (Absent, Shifted, Dead) मतदाताओं की सूची को पूरी तरह अपडेट किया गया है. अगर कोई ‘अनुपस्थित’ श्रेणी का मतदाता वोट देने आता है, तो पीठासीन अधिकारी उसकी पहचान की कई स्तरों पर जांच करेंगे. बीएलओ को घर-घर जाकर खुद पर्चियां बांटने का निर्देश है. जो पर्चियां नहीं बट सकेंगी, उनका लिखित कारण देना अनिवार्य होगा.
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West Bengal Election 2026 Security: अंतिम 72 घंटों के लिए ‘स्पेशल 100’ प्लान
डीजीपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद, मतदान से पहले के आखिरी 72 घंटों के लिए सख्त प्रोटोकॉल जारी किया गया है. इसमें कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Instant Response Measure) तैयार किया गया है. साथ ही, मतदाताओं को चुनावी अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है.
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By मिथिलेश झा
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