ePaper

दूसरे राज्यों से कोई ऑब्जर्वर नियुक्त नहीं हुआ है : सीइओ

Updated at : 25 Dec 2025 1:14 AM (IST)
विज्ञापन
दूसरे राज्यों से कोई ऑब्जर्वर नियुक्त नहीं हुआ है : सीइओ

एसआइआर. नजरुल मंच में 4600 माइक्रो ऑब्जर्वर का प्रशिक्षण शुरू

विज्ञापन

एसआइआर. नजरुल मंच में 4600 माइक्रो ऑब्जर्वर का प्रशिक्षण शुरू चुनाव आयोग की गाइडलाइन के हिसाब से करेंगे काम कोलकाता. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दूसरे चरण की देख-रेख के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लेकर बुधवार को नजरुल मंच में दो चरणों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया. इस दौरान राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) मनोज अग्रवाल ने कहा कि हमने दूसरे राज्यों से कोई ऑब्जर्वर नियुक्त नहीं किया है. सभी माइक्रो ऑब्जर्वर राज्य में काम कर रहे हैं. लेकिन इनमें कोई अन्य राज्य का बाशिंदा है कि नहीं, यह हम नहीं कह सकते हैं. सभी को नियुक्ति पत्र जारी किया गया है. उन्होंने साफ किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर चुनाव आयोग की गाइडलाइन के तहत काम करेंगे. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि दूसरे राज्यों से लोगों को यहां लाकर नियुक्त किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के इस बयान पर सीइओ ने बुधवार को अपनी सफाई दी. विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता भी नजरुल मंच में प्रशिक्षण के दौरान मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि नोटिस सिर्फ उन्हीं को भेजे जायेंगे, जिन्हें सुनवाई की जरूरत है. अगर किसी को सुनवाई की जरूरत नहीं है तो उन्हें किसी तरह का नोटिस नहीं भेजा जायेगा. इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए है. बुधवार से लगभग 4,600 माइक्रो-ऑब्जर्वर का प्रशिक्षण शुरू हो गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) नजरुल मंच में हो रहे प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे हैं. पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी अधिकारियों को माइक्रो-ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया गया है. क्या जिम्मेदारी होगी माइक्रो ऑब्जर्वर की चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया: वे (माइक्रो ऑब्जर्वर) अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने तक सीइओ की देखरेख में काम करेंगे और सुनवाई प्रक्रिया के दौरान उन्हें तैनात किया जायेगा. सुनवाई के दौरान हर कमरे में एक माइक्रो-ऑब्जर्वर मौजूद रहेगा. उन्होंने बताया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर की मुख्य जिम्मेदारी सुनवाई के दौरान चुनाव पंजीकरण अधिकारी (इआरओ) और सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (एइआरओ) के कामकाज पर करीब से नजर रखने की होगी. हर माइक्रो-ऑब्जर्वर को इस काम के लिए एकमुश्त 30,000 रुपये का मानदेय मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANDIP TIWARI

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola