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महुआ मोइत्रा की ममता से की शिकायत

Updated at : 06 Dec 2024 1:02 AM (IST)
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महुआ मोइत्रा की ममता से की शिकायत

तृणमूल कांग्रेस के छह विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर नदिया जिले के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है.

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सीएम व सुब्रत बख्शी को छह तृणमूल विधायकों ने लिखा पत्रकोलकाता/कल्याणी. तृणमूल कांग्रेस के छह विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर नदिया जिले के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है. विधायकों ने शिकायत पत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भी भेजा है. पत्र लिखने वाले सभी छह विधायक कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से ही हैं. विधायकों ने अपने सांसद के खिलाफ कई आरोप लगाये हैं. गौरतलब है कि कृष्णानगर से सांसद होने के अलावा महुआ मोइत्रा तृणमूल कृष्णानगर संगठनात्मक जिले की अध्यक्ष भी हैं. पार्टी के विधायकों ने मोइत्रा पर सांगठनिक कार्यों में असहयोग करने और कई फैसले अकेले अपने स्तर पर लेने का आरोप लगाया है. मोइत्रा के खिलाफ मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो को पत्र भेजने वालों में नकाशीपाड़ा के विधायक कल्लोल खान, कृष्णानगर दक्षिण के उज्जल विश्वास, चापड़ा से रुकबानुर रहमान, कालीगंज से नसीरुद्दीन अहमद, करीमपुर से बिमलेंदु सिंह राय और पलाशीपाड़ा के विधायक माणिक भट्टाचार्य शामिल हैं. विधायकों की शिकायत है कि पार्टी के निर्देश के बावजूद महुआ मोइत्रा उनसे कोई संपर्क नहीं रख रही हैं. यहां तक कि किसी संगठनात्मक जरूरत के लिए भी सांसद विधायकों से मुलाकात नहीं करती हैं. विधायकों ने पत्र में आरोप लगाया है कि मोइत्रा ने उन्हें अंधेरे में रखकर कृष्णानगर संगठनात्मक जिले में 178 बूथ अध्यक्षों और 17 जोन अध्यक्षों का स्थानांतरण कर दिया है. महुआ उनसे चर्चा किये बगैर एक के बाद एक फैसले ले रही हैं. गौरतलब है कि नदिया जिले के राणाघाट और कृष्णानगर संगठनात्मक जिलों को लेकर तृणमूल नेतृत्व को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि नदिया जिले में भाजपा काफी मजबूत है. वहीं, 2026 के विधानसभा चुनाव से डेढ़ साल पहले विधायकों और स्थानीय सांसदों के बीच यह टकराव तृणमूल नेतृत्व के लिए सिरदर्द बन सकता है. विधायक कल्लोल खान और मंत्री उज्ज्वला विश्वास ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो उनके लिए संगठन को स्वस्थ तरीके से चलाना संभव नहीं है. सांसद की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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