वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर सी मुरुगन और टीएमसी लीडर महुआ मोईत्रा में एक्स पर छिड़ी जंग

महुआ मोईत्रा ने 18 फरवरी को किया था यह पोस्ट.
बंगाल में एसआईआर पर राजनीति जारी है. तृणमूल कांग्रेस की महिला नेता महुआ मोईत्रा के ‘क्विक गन मुरुगन’ वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के ऑफिसर वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर सी मुरुगन ने भी पलटवार कर दिया है. क्या है पूरा मामला और कब से शुरू हुई महुआ-मुरुगन की जंग, यहां पढ़ें.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस लगातार निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साध रही थी. अब वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर पर टीएमसी की नेता महुआ मोईत्रा ने सीधा हमला बोला है. इस पर ऑब्जर्वर सी मुरुगन ने भी पलटवार किया. इसके बाद महुआ मोईत्रा और मुरुगन के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर जंग छिड़ गयी.
18 फरवरी को महुआ के पोस्ट से शुरू हुआ था विवाद
मतदाता सूचियों के संशोधन में ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ की भूमिका और उनको मुरुगन से मिल रहे कथित निर्देशों को आधार बनाकर इसे मुद्दा बनाया गया. विवाद 18 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब ममता बनर्जी की करीबी और टीएमसी की फायरब्रांड महिला नेता महुआ मोईत्रा ने एक पोस्ट किया कि निर्वाचन अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रहे हैं.
महुआ ने एक्स पर लिखा- क्विक गन मुरुगन
महुआ मोईत्रा ने लिखा- कृपया अपने मतदाता सूची पर्यवेक्षक, वर्ष 2007 के आईएएस, टी बोर्ड के उपाध्यक्ष सी मुरुगन को नियंत्रित करें, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए माइक्रो ऑब्जर्वर को गुप्त व्हॉट्सऐप ग्रुप पर गलत निर्देश दे रहे हैं. तृणमूल सांसद ने एक फिल्म के किरदार की तस्वीर भी साझा की और कैप्शन लिखा- ‘क्विक गन मुरुगन’.
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मुरुगन ने 26 फरवरी को दिया ‘जवाब’
मुरुगन के 26 फरवरी के ‘एक्स’ पर किये एक पोस्ट को मोईत्रा के पोस्ट का जवाब माना जा रहा है. इसमें उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर देर से किये एक जवाबी पोस्ट में कहा- मेरे पास उतनी बंदूकें नहीं हैं, जितनी तस्वीर में दिखायी गयी हैं. हालांकि, मुझे तमिलनाडु में पुलिस सेवा में अपने साढ़े चार साल के प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग तरह की बंदूकें चलाने का प्रशिक्षण मिला था. मैंने उनका कानूनी और असरदार तरीके से इस्तेमाल किया था.
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर शेयर किये थे स्क्रीन शॉट
सोशल मीडिया पर मुरुगन के इस पोस्ट पर महुआ मोईत्रा की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि मुरुगन व्हॉट्सऐप के जरिये ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ को मतदाताओं के नाम हटाने के निर्देश दे रहे हैं. अभिषेक बनर्जी ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर ऐसे कथित संदेशों के स्क्रीनशॉट भी शेयर किये थे.
अभिषेक बनर्जी ने लगाये थे ये आरोप
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के अधिकारी वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाने में मदद के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर को आदेश दे रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. उन्होंने कहा था कि इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली प्रामाणिक खबरें हैं कि विशेष पर्यवेक्षक सी मुरुगन, जन्म प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता के बारे में निर्देश सीधे व्हॉट्सऐप ग्रुप में माइक्रो ऑब्जर्वर को दे रहे थे, ताकि हटाये गये नामों की संख्या बढ़ायी जा सके.
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By Mithilesh Jha
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