ePaper

वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर सी मुरुगन और टीएमसी लीडर महुआ मोईत्रा में एक्स पर छिड़ी जंग

Updated at : 26 Feb 2026 4:28 PM (IST)
विज्ञापन
electoral roll observer C Murugan vs Mahua Moitra TMC on social media x

महुआ मोईत्रा ने 18 फरवरी को किया था यह पोस्ट.

बंगाल में एसआईआर पर राजनीति जारी है. तृणमूल कांग्रेस की महिला नेता महुआ मोईत्रा के ‘क्विक गन मुरुगन’ वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के ऑफिसर वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर सी मुरुगन ने भी पलटवार कर दिया है. क्या है पूरा मामला और कब से शुरू हुई महुआ-मुरुगन की जंग, यहां पढ़ें.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस लगातार निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साध रही थी. अब वोटर लिस्ट ऑब्जर्वर पर टीएमसी की नेता महुआ मोईत्रा ने सीधा हमला बोला है. इस पर ऑब्जर्वर सी मुरुगन ने भी पलटवार किया. इसके बाद महुआ मोईत्रा और मुरुगन के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर जंग छिड़ गयी.

18 फरवरी को महुआ के पोस्ट से शुरू हुआ था विवाद

मतदाता सूचियों के संशोधन में ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ की भूमिका और उनको मुरुगन से मिल रहे कथित निर्देशों को आधार बनाकर इसे मुद्दा बनाया गया. विवाद 18 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब ममता बनर्जी की करीबी और टीएमसी की फायरब्रांड महिला नेता महुआ मोईत्रा ने एक पोस्ट किया कि निर्वाचन अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रहे हैं.

महुआ ने एक्स पर लिखा- क्विक गन मुरुगन

महुआ मोईत्रा ने लिखा- कृपया अपने मतदाता सूची पर्यवेक्षक, वर्ष 2007 के आईएएस, टी बोर्ड के उपाध्यक्ष सी मुरुगन को नियंत्रित करें, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए माइक्रो ऑब्जर्वर को गुप्त व्हॉट्सऐप ग्रुप पर गलत निर्देश दे रहे हैं. तृणमूल सांसद ने एक फिल्म के किरदार की तस्वीर भी साझा की और कैप्शन लिखा- ‘क्विक गन मुरुगन’.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मुरुगन ने 26 फरवरी को दिया ‘जवाब’

मुरुगन के 26 फरवरी के ‘एक्स’ पर किये एक पोस्ट को मोईत्रा के पोस्ट का जवाब माना जा रहा है. इसमें उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर देर से किये एक जवाबी पोस्ट में कहा- मेरे पास उतनी बंदूकें नहीं हैं, जितनी तस्वीर में दिखायी गयी हैं. हालांकि, मुझे तमिलनाडु में पुलिस सेवा में अपने साढ़े चार साल के प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग तरह की बंदूकें चलाने का प्रशिक्षण मिला था. मैंने उनका कानूनी और असरदार तरीके से इस्तेमाल किया था.

अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर शेयर किये थे स्क्रीन शॉट

सोशल मीडिया पर मुरुगन के इस पोस्ट पर महुआ मोईत्रा की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि मुरुगन व्हॉट्सऐप के जरिये ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ को मतदाताओं के नाम हटाने के निर्देश दे रहे हैं. अभिषेक बनर्जी ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर ऐसे कथित संदेशों के स्क्रीनशॉट भी शेयर किये थे.

अभिषेक बनर्जी ने लगाये थे ये आरोप

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के अधिकारी वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाने में मदद के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर को आदेश दे रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है. उन्होंने कहा था कि इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली प्रामाणिक खबरें हैं कि विशेष पर्यवेक्षक सी मुरुगन, जन्म प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता के बारे में निर्देश सीधे व्हॉट्सऐप ग्रुप में माइक्रो ऑब्जर्वर को दे रहे थे, ताकि हटाये गये नामों की संख्या बढ़ायी जा सके.

इसे भी पढ़ें

बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर महुआ मोईत्रा ने फिर चुनाव आयोग पर बोला हमला

SIR में 10वीं का एडमिट कार्ड भी होगा मान्य, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

एसआईआर की बैठक में कैसे आये बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव? सुकांत मजूमदार का सवाल

SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बंगाल में तैनात होंगे लीगल ऑफिसर, 28 को जारी होगा वोटर लिस्ट

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola