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भ्रष्ट तृणमूल सरकार दे रही घुसपैठियों को पनाह : शाह

Updated at : 31 Jan 2026 10:45 PM (IST)
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भ्रष्ट तृणमूल सरकार दे रही घुसपैठियों को पनाह : शाह

श्री शाह ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में तृणमूल को बंगाल से उखाड़ फेंकना है. श्री शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर घुसपैठियों को बचाने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और चुनावी फायदे के लिए जान-बूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया.

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बैरकपुर.

उत्तर 24 परगना के बैरकपुर के आनंदपुरी माठ में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल सरकार पर जमकर हमला बोला. सम्मेलन से पहले श्री शाह बैरकपुर के आनंदपुरी काली मंदिर गये. वहां से लौटने के बाद उन्होंने कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया. श्री शाह ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में तृणमूल को बंगाल से उखाड़ फेंकना है. श्री शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर घुसपैठियों को बचाने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और चुनावी फायदे के लिए जान-बूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया. श्री शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार का गठन अब सिर्फ एक राजनीतिक मकसद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत है. श्री शाह ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जायेगी.

बंगाल में घुसपैठ से देश को खतरा

उन्होंने आरोप लगाया : जिस तरह से पश्चिम बंगाल में घुसपैठ हो रही है. वह पूरे देश के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन गया है. अदालत के आदेश के बाद भी तृणमूल सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही है, क्योंकि घुसपैठिये उसके वोट बैंक हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में प्रशासन और पुलिस अवैध प्रवासियों को नहीं रोक रही है, जिन्हें जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पूरे देश में भेजा जा रहा है. श्री शाह ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यह स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही हैं. उन्होंने कहा : लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि चाहे ममता बनर्जी उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार 31 मार्च तक भूमि उपलब्ध करायें या नहीं, अप्रैल में भाजपा का मुख्यमंत्री बनते ही 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जायेगा. उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने का रिकॉर्ड रखती है.

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया था कि वह भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली तार की बाड़ लगाने के लिए नौ सीमावर्ती जिलों में पहले से अधिग्रहीत भूमि 31 मार्च तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दे. अदालत ने यह भी कहा था कि भारत-बांग्लादेश सीमा का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिम बंगाल में है, और 2016 से कई कैबिनेट निर्णयों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा के बड़े हिस्से पर अब तक बाड़ नहीं लगायी जा सकी है. असम से तुलना करते हुए श्री शाह ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां घुसपैठ रुक गयी, जबकि ‘‘कांग्रेस शासन के दौरान ऐसा नहीं था.’’

जारी रहेगी एसआइआर प्रक्रिया, मतुआ व नामशूद्र को धमका रही तृणमूल कांग्रेस

अमित शाह ने कहा : ममता बनर्जी, आप एसआइआर का जितना विरोध करना चाहें करें, लेकिन यह प्रक्रिया घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यदि कोई अवैध नाम शेष रहेंगे, तो उन्हें भी हटा दिया जायेगा. श्री शाह ने तृणमूल पर नागरिकता को लेकर मतुआ और नामशूद्र समुदायों को धमकाने का भी आरोप लगाया.

केंद्रीय गृह मंत्री ने किया दावा : भाजपा को मिलेंगे 50 प्रतिशत से ज्यादा मत

शाह ने कहा कि भाजपा 2026 में 50 प्रतिशत मत प्रतिशत पार कर जायेगी. उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में 38 प्रतिशत वोट और 77 सीट हासिल की थीं. मौके पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर, बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह समेत अन्य उपस्थित थे.

आनंदपुर हादसा ममता सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा

आनंदपुर में मोमो बनाने की फैक्टरी में हाल ही में लगी आग की घटना का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि ममता बनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा था. उन्होंने पूछा कि फैक्टरी मालिकों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और क्या सत्तारूढ़ पार्टी से उनकी नजदीकी इसका कारण है. गृह मंत्री ने पूछा : क्या बंगाल में प्रशासन पूरी तरह से खत्म हो गया है? शाह ने पूछा : क्या बंगाल में प्रशासन पूरी तरह खत्म हो गया है? उन्होंने पूछा कि अगर पीड़ित किसी खास समुदाय के होते, तो तृणमूल की प्रतिक्रिया अलग होती. यह आरोप लगाते हुए कि राज्य में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है, उन्होंने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में दागी मंत्रियों को टिकट न देकर इस खतरे के प्रति अपनी गंभीरता साबित करने की चुनौती दी. श्री शाह ने तृणमूल पर घुसपैठियों को खुश करने के लिए संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा का विरोध करने का भी आरोप लगाया और मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने व बंगाल में देशभक्तों व राष्ट्रवादियों की सरकार बनाने की अपील की.

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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