हाइकोर्ट ने पर्षद को चार हफ्ते में हलफनामा देने को कहा, टीइटी संबंधी शिकायतों को बताया गंभीर, एसएमएस से नतीजे पर सवाल

कोलकाता: पैनल न बना कर प्राथमिक में सफल उम्मीदवारों को क्यों एसएमएस या इमेल के जरिये नौकरी मिलने की बात बतायी गयी. कलकत्ता हाइकोर्ट में प्राथमिक नियुक्ति से संबंधित एक मामले में अदालत ने यह जानना चाहा. हाइकोर्ट ने इस संबंध में पर्षद से चार हफ्ते के भीतर हलफनामा तलब किया है. न्यायाधीश अरिजीत बंद्योपाध्याय […]
अदालत ने पर्षद को निर्देश दिया कि चार हफ्ते के भीतर हलफनामा देकर बताना होगा कि क्यों, पैनल गठित न करके, एसएमएस व इमेल के जरिये सफल उम्मीदवारों को जानकारी दी जा रही है. साथ ही जो गंभीर आरोप उनके खिलाफ लगाये गये हैं वह भी हलफनामे के जरिये स्पष्ट करना होगा. इसके अलावा नियमानुसार नियुक्ति के पहले राज्य भर के शून्य पदों की तादाद भी पर्षद को बतानी होती है. लेकिन ऐसा न करके पर्षद की ओर से आखिर क्यों जिला आधारित नियुक्ति की जा रही है. हलफनामे में इसे भी स्पष्ट करना होगा. हलफनामा जमा देने के छह सप्ताह के भीतर मामला करने वालों को पर्षद का जवाबी हलफनामा जमा देने का निर्देश अदालत ने दिया है.
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