SBI ने एक साल में स्टेशनरी पर खर्च किए ₹986 करोड़! देखें, किस बैंक ने कितना खर्च किया

Edited by Abhishek Pandey
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Groww Report : आज के डिजिटल दौर में जहां बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, नेट बैंकिंग और पेपरलेस वर्क के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बैंकों का स्टेशनरी पर होने वाला खर्च हैरान करने वाला है. निवेश प्लेटफॉर्म 'Groww' की एक नई रिपोर्ट (FY25 डेटा) के मुताबिक, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने एक साल में प्रिंटिंग और स्टेशनरी (पेन, पेपर, चेकबुक आदि) पर 986.4 करोड़ रुपये खर्च कर डाले हैं.

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Groww Report : हम और आप रोजाना मोबाइल ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर करते हैं, क्यूआर कोड स्कैन करते हैं और सोचते हैं कि अब तो बैंकिंग पूरी तरह डिजिटल और ‘पेपरलेस’ हो चुकी है. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. भारतीय बैंक आज भी कागजी काम-काज, फॉर्म, पासबुक, स्टेटमेंट और चेकबुक की छपाई पर हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा रहे हैं.

इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Groww ने हाल ही में वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए भारतीय बैंकों द्वारा प्रिंटिंग और स्टेशनरी पर किए गए खर्च के आंकड़े जारी किए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर की गई यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और इसके आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं.

एसबीआई (SBI) का स्टेशनरी बिल सबसे भारी

रिपोर्ट के मुताबिक, देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पेन और पेपर के इस्तेमाल के मामले में सबसे आगे रहा. एसबीआई ने एक साल में प्रिंटिंग और स्टेशनरी पर 986.4 करोड़ रुपये खर्च किए. हालांकि, रकम के मामले में यह बहुत बड़ी दिखती है, लेकिन एसबीआई के विशाल साम्राज्य और नेट प्रॉफिट को देखते हुए यह उसके कुल मुनाफे का केवल 1.22% ही है.

एसबीआई के ठीक पीछे देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक HDFC Bank है, जिसने इस अवधि के दौरान स्टेशनरी पर 922.5 करोड़ रुपये (कुल मुनाफे का 1.26%) खर्च किए. वहीं, ICICI Bank इस मामले में काफी किफायती रहा, जिसने सिर्फ 318.5 करोड़ रुपये (मुनाफे का 0.58%) खर्च किए.

IDFC First Bank ने मुनाफे के अनुपात में बनाया रिकॉर्ड

इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा IDFC First Bank से जुड़ा है. भले ही यह बैंक कुल खर्च के मामले में बड़े बैंकों से पीछे हो, लेकिन अपने मुनाफे के अनुपात में इसने सबको पीछे छोड़ दिया. मुनाफे का 8% कागज पर: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक साल में स्टेशनरी पर 122.7 करोड़ रुपये खर्च किए. इसका सीधा मतलब यह हुआ कि बैंक ने अपने हर 100 रुपये के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में से 8.05 रुपये सिर्फ पेन, कागज, छपाई और फाइलों पर खर्च कर दिए. यह किसी भी प्रमुख लिस्टेड बैंक के मुकाबले सबसे अधिक अनुपात है.

प्रमुख बैंकों के स्टेशनरी खर्च

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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